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आतंकी फंडिंग में एटीएस को अब तीसरे युवक की तलाश

Thu, 29 Mar 2018 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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आतंकी फंडिंग में संजय सरोज और नीरज मिश्रा को जेल भेजने के बाद एटीएस इनके एक और मित्र की तलाश में है। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। आतंकी फंडिंग के लिए फर्जी खाते खुलवाने में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होने की बात सामने आ रही है। एटीएस उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन वह घर छोड़कर फरार है। पृथ्वीगंज भगेसरा क्षेत्र के सभी बैंक एटीएस के राडार पर है। संभवता: मार्च क्लोजिंग के बाद ऐसे खातों की पड़ताल होगी।
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आतंकवादियों को फंडिंग के आरोप में एटीएस ने नगर कोतवाली के भगेसरा पृथ्वीगंज निवासी संजय सरोज व नीरज मिश्रा को जेल भेजा है। जबकि ईंट भट्ठा मजदूर ओमप्रकाश वनवासी निवासी राजापुर औवार और चंपतपुर निवासी सुधाकर तिवारी को पूछताछ के बाद एटीएस ने सरकारी गवाह बनाने के लिए छोड़ दिया। ओमप्रकाश को घर तक छोड़ने आई एटीएस की टीम रात भर डेरा जमाए रही। आतंकियों की मदद के लिए ओमप्रकाश वनवासी का खाता खुलवाने वाले पड़ोसी युवक की तलाश में एटीएस बुधवार को रात भर पृथ्वीगंज इलाके में चक्रमण करती रही। हालांकि आरोपी बताया जा रहा युवक घर छोड़कर पहले से ही फरार चल रहा है।

सूत्रों की मानें तो पृथ्वीगंज भगेसरा के सभी बैंकों पर एटीएस की नजर है। बैंकों में पिछले दो-तीन सालों से हुए लेनदेन पर एटीएस की नजर है। एटीएस ऐसे लोगों की तलाश कर रही है। जिनकी आमदनी कम है और उनके खाते में अचानक लाखों रुपये आ गए। क्लोजिंग व हड़ताल के कारण बैंक से एटीएस को सहयोग नहीं मिल सका। जिसके चलते अप्रैल माह में ही ऐसे बैंकों के खातों की जांच होने की संभावना दिख रही है। फिलहाल संजय सरोज व नीरज मिश्रा के साथ रहने वाले लोगों की भी एटीएस ने सूची तैयार की है। बुधवार की रात एटीएस की टीम ऐसे लोगों की तलाश में लगी रही लेकिन कोई घर पर नहीं मिला।
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खुली दुकानें, भाइयों ने संभाला काम-काज
नगर कोतवाली के भगेसरा पृथ्वीगंज निवासी संजय सरोज की गिरफ्तारी के बाद से परिवार के सदस्य फरार चल रहे थे। घर पर केवल मां व भाई की पत्नी ही रहती थी। गुरुवार को कपड़े की दुकान भाई ने खोली और मुर्गे की दुकान खोलने के साथ ही कारोबार प्रारंभ किया। हालांकि इस दौरान वे पूरी तरह से चौकन्ने नजर आए। आने जाने वाले लोगों पर निगाह रखने के लिए रिश्तेदार भी बुला लिए थे।

रिश्तेदारों की भी ली है मदद
एटीएस की छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि आतंकियों को फंडिंग के जरिए मदद करने वाला संजय फर्जी खाता खोलने में रिश्तेदारों की भी मदद ली है। परिवार के लोगों के नाम से खुले खाते का कभी प्रयोग नहीं किया। खुद के नाम से भी खुलवाए गए खाते में कभी रुपये नहीं मंगाया। एटीएस की टीम रिश्तेदारों पर भी शिकंजा कस सकती है।

एसबीआई की टाइनी शाखा में लटकता रहा ताला
नगर कोतवाली के भगेसरा पृथ्वीगंज स्थित एसबीआई की टाइनी शाखा पर गुरुवार को ताला लटकता मिला। भदोही का रहने वाला एक व्यक्ति ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करता है। जिसकी बाबत बुधवार की शाम पहुंची एटीएस की टीम जानकारी जुटाती रही।

जमीन पर भी कर रखा है कब्जा
आतंकियों को फंडिंग करने के आरोपी संजय सरोज और नीरज मिश्रा ने रेलवे क्रासिंग के करीब दलितों की जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा है। उनके खौफ से पीड़ित परिवार घर व जमीन छोड़कर दूसरी जगह चला गया। अब संजय पर कार्रवाई के बाद वह अपने घर आने का साहस जुटाने लगे हैं।

नगर कोतवाली के पृथ्वीगंज भगेसरा निवासी मंगरूलाल और बसंतलाल हरिजन का आरोप है कि रेलवे क्रासिंग के पास दोनों की दस बिस्वा से अधिक जमीन है। कुछ साल पहले जमीन पर जबरन संजय और नीरज कब्जा करने लगे। विरोध करते हुए शिकायती पत्र पुलिस को दिया लेकिन संजय के रुपये के आगे पुलिस उसकी एक भी न सुनी। जिसके चलते उसके घर व जमीन पर संजय व नीरज मिश्रा ने जबरन कब्जा कर लिया। पहले उनके आतंक से मंगरूलाल घर छोड़कर भागा।

बाद में बसंतलाल परिवार समेत दूसरी जगह जाकर बस गया। उनकी दबंगई का आलम यह था कि गांव का कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ मुंह नहीं खोलता था। अब एटीएस ने संजय और नीरज मिश्रा को जेल भेज दिया। यह खबर उन तक पहुंची तो दोनों वापसी के लिए साहस जुटाने लगे हैं लेकिन उनके करीबियों का भय अभी भी उन्हें सता रहा है। हालांकि पुलिस चौकी प्रभारी पृथ्वीगंज का कहना है कि ऐसा कोई मामला उनके पास नहीं आया।

नीरज का असली नाम है आदर्श मिश्रा
आतंकवादियों को फंडिंग करने के आरोप में पकड़े गए नगर कोतवाली के भगेसरा पृथ्वीगंज निवासी नीरज का असली नाम आदर्श मिश्रा है। परिवार के लोग उसे बचपन से उसे नीरज के नाम से बुलाते थे।
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