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सेना के अभ्यर्थियों का ट्रेन और स्टेशन पर बवाल

Thu, 09 Apr 2015 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़। रायबरेली से सेना भर्ती से लौट रहे अभ्यर्थियों ने बुधवार को पीआरएल पैसेंजर और पंजाब मेल पर जमकर बवाल काटा। ट्रेन को जगह-जगह रोककर पथराव और लूटपाट किया। सीटों पर कब्जा कर लिया। महिला यात्रियों से अभद्रता करने से भी बाज नहीं आये। अराजक तत्वों को रोकने में रेल प्रशासन नाकाम रहा।
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रायबरेली में सेना की भर्ती चल रही है। बुधवार को कौशांबी जिले का नंबर था। भर्ती खत्म होने के बाद लौट रहे हजारों अभ्यर्थियों ने प्रयागघाट जाने वाली पीआरएल पैसेंजर पर कब्जा कर लिया। उसके बाद शुरू हुए तांडव से यात्री और रेल प्रशासन दोनों परेशान हो गए। अराजक तत्व रास्ते भर चेन पुलिंग करते आए। अंतू, जगेसरगंज और चिलबिला स्टेशन पर जमकर हंगामा काटा। दुकानदारों से अभद्रता की। खाने-पीने का सामान लूट लिया।

विरोध करने पर मारीपीट पर उतारू हो गए। पथराव करके प्लेटफार्म में खंभों पर लगे वल्ब और सीएफएल को तोड़ डाला। पथराव से रेलकर्मी और दुकानदार जान बचाकर भाग निकले। चिलबिला से छूटी ट्रेन प्रतापगढ़ स्टेशन से पहले स्टार्टर सिग्नल के पास चेन पुलिंग करके रोक दी। ट्रेन से उतरे अभ्यर्थियों ने यहां पर पथराव शुरू कर दिया। जानकारी पर एसओ जीआरपी बीके सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस को आता देखकर अभ्यर्थियों ने शोर मचाते हुए भागना शुरू कर दिया। इसके बाद ट्रेन आगे बढ़ी। प्लेटफार्म पर पहुंचने के बाद भी लोग हंगामा करते रहे।  अमृतसर से हावड़ा वाया रायबरेली जा रही 3006 पंजाब मेल में भी सवार सैकड़ों अभ्यर्थियों ने जमकर बवाल काटा। स्लीपर के अलावा एसी कूपे पर कब्जा कर लिया। यात्रियों को उठाकर खुद बैठ गए।
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ट्रेन प्रतापगढ़ पहुंची तो जीआरपी वालों ने सबको उतारा। यात्रियों का आरोप था उन्होंने इसकी शिकायत चेकिंग स्टाफ के अलावा स्कोर्ट कर रहे पुलिस कर्मियों से की। मगर किसी ने उनकी मदद नहीं की। वे खुद ही अभ्यर्थियों से डरे हुए थे। एसओ जीआरपी बीके सिंह ने बताया कि दोनाें ट्रेनों में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी थे। इन लोगों ने जगह-जगह उत्पात मचाया। पीआरएल की चेन पुलिंग कर दी थी। मगर ऐन वक्त पर पहुंची जीआरपी ने मोर्चा संभाल लिया।


पंजाब मेल से उतरने के बाद कौशांबी के रहने वाले अभ्यर्थियों ने एसओ जीआरपी को घेरकर उनसे इलाहाबाद जाने के लिए ट्रेन की मांग की। कुछ ने बस की डिमांड कर डाली। एसओ ने उनको समझा बुझाकर किसी तरह से अपना पीछा छुड़ाया। स्टेशन पर स्थिति बिगड़ती देख एसओ जीआरपी ने घटना की जानकारी रेलवे के साथ पुलिस के अधिकारियों दी और फोर्स की मांग की। सूचना मिलने पर कोतवाली से एक्शन फोर्स और क्यूआरटी स्टेशन पर पहुंच गई।

रायबरेली में सेना की भर्ती चल रही है। ट्रेन से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी प्रतापगढ़ आ रहे हैं। वे बवाल कर रहे हैं। इसकी सूचना तक किसी ने देने की जरूरत नहीं समझी। रेल महकमे का सूचना तंत्र फेल नजर आया। दुर्भाग्य से अगर चलती ट्रेन में कोई बड़ी घटना घट जाती तो जिम्मेदार कौन होता। पंजाब मेल जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन में पुलिस का दस्ता भी यात्रियों की मदद न कर सका। चेकिंग स्टाफ ने भी इसकी जरूरत नहीं समझी। पंजाब मेल प्रतापगढ़ पहुंची तो भी जिम्मेदार लोगों ने इसकी सूचना पुलिस वालों को देने की जरूरत नहीं समझी। ट्रेन से उतरे यात्रियों ने पुलिस वालों को इसकी जानकारी दी। जीआरपी, आरपीएफ यहां तक कि एसएस को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगर पहले सूचना मिल गई होती तो पुलिस फोर्स एलर्ट हो जाती। ट्रेन चिलबिला से छूटकर सई पुल पार कर गई तब जीआरपी और आरपीएफ को मीडिया के जरिए खबर लगी। गनीमत रही कि कम समय में जीआरपी ने तेजी दिखाई और भीड़ को नियंत्रित कर लिया। जिसके चलते स्टेशन पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

 रायबरेली में भर्ती 15 अप्रैल तक चलेगी। 9 अप्रैल को इलाहाबाद की भर्ती होगी। उसमें भी अभ्यर्थी ट्रेन से ही जायेंगे। यह जानकारी एसएस केएन शर्मा को तब मिली जब उन्होंने लखनऊ फोन करके यहां के हंगामे के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल को इलाहाबाद के लोग जायेंगे। उन्होंने जीआरपी और आरपीएफ से एलर्ट रहने को कहा है।
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