अंतू कोतवाल और दो सिपाहियों के बीच हाथापाईं हो गई। थाने में पुलिस का अनुशासन तार-तार हो गया। दूसरे पुलिसकर्मियों के बीच-बचाव पर मामला शांत हुआ। इस मामले की इलाके में खासी चर्चा है। क्षेत्र के भवानीपुर रघईपुर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दो पक्षों के बीच चले ईंट पत्थर के साथ फायरिंग और बमबाजी के बाद दोनों पक्षों से आठ लोगों को हिरासत में लिया गया था। सूत्रों की मानें तो कोतवाल ने कई लोगों का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। इसे लेकर दो सिपाहियों ने कोतवाल से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन लोगों की मौजूदगी में इतना बड़ा बवाल हुआ और वे लोग बाल-बाल बचे।
ऐेसे मामले में आरोपियों का मामूली धाराओं में चालान करना ठीक नहीं रहेगा। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सिपाहियों की बात कोतवाल को नागवार गुजरी। वह उन दोनों पर भड़क उठे। उनके बीच नौबत हाथापाईं तक पहुंच गई। शोर शराबा सुनकर दूसरे पुलिसकर्मी पहुंचे और बीच-बचाव किया। सिपाहियों की हरकत देख कोतवाल दंग रह गए और अपने आवास में चले गए। इसके बाद वह दूसरे पुलिसकर्मियों की मदद से अनुशासन तोड़ने वाले सिपाहियों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे भाग निकले। शनिवार को भी दोनों सिपाही थाने नहीं आए। कोतवाल उनको पकड़ने की कोशिश में लगे रहे। कोतवाल का कहना है कि हाथापाईं की बात गलत है। सिपाही होली के दिन गायब रहे। शाम को लौटने पर पूछताछ की जा रही थी तो अभद्रता की। इस मामले से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट भेजी जा रही है।