मंगलवार को पुलिस लाइन में समाजवादी विकास दिवस मनाया जा रहा था। पूरी सरकारी मशीनरी जुटी थी। डीएम-एसपी, चारों एसडीएम, सीओ, कई एसओ के साथ भारी भरकम फोर्स लगी थी। प्रभारी राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल के साथ अफसर सपा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को गिना रहे थे। प्रशासनिक अमला लैपटॉप और कन्या विद्या धन बांटने में लगा था। सरकार के कामों के प्रचार-प्रसार पर अफसरों ने पूरा जोर लगा रखा था। बस बदमाशों ने इस मौके को ताड़ लिया। शायद उन्हें यह पहले से पता था कि अफसरों की फौज कार्यक्रम में लगी है। उन्होंने पहले से पूरी रेकी भी कर रखी थी। बस मौका मिलते ही वकील की हत्या कर दी। वकीलों के बवाल की आशंका को देखते हुए प्रभारी मंत्री को पीछे वाले रास्ते से निकाला गया।
पुलिस लाइन में मंगलवार को समाजवादी विकास दिवस का आयोजन किया गया था। जिसमें शामिल होने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के साथ सरकारी अमला भी डटा था। जिले में प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलते ही कार्यक्रम आनन- फानन में समाप्त कराया गया। पुलिस लाइन पर अधिवक्ताओं के जाम लगाने की खबर पर आला अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। वकीलों को अंदर घुसने से रोकने के लिए गेट पर भारी भरकम फोर्स लगा दी गई। हैरत इस बात की थी कि प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त होने के बजाय लुंजपुंज रही। कुछ देर बाद प्रभारी मंत्री को पुलिस अधीक्षक के आवास के पीछे वाले रास्ते से निकाला गया। मंत्री के जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।