अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या किए जाने की खबर लगते ही अस्पताल का सायरन बजने लगा। ओपीडी में बैठे चिकित्सक और वार्ड में रहे फार्मासिस्ट इमरजेंसी में पहुंच गए। काफी देर बाद शव आया तो हंगामा होने लगा। इसके चलते काफी मरीज बगैर इलाज कराए ही घर लौट गए। अधिवक्ता की हत्या की जानकारी होने के बाद बड़ी संख्या में वकीलों और आम लोगों के साथ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का अस्पताल में जमावड़ा लग गया। इतनी बड़ी संख्या में वकीलों और पुलिसवालों को देखकर एकबारगी लोग सहम गए। कोई उनके जिंदा होने की बात कह रहा था तो कोई मौत होने की जानकारी दे रहा था।
इन सब को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने सायरन बजा कर ओपीडी में बैठे चिकित्सक व अन्य वार्ड में रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों को बुला लिया। ओपीडी खाली होनेे से मरीज परेशान हो गए। उधर बवाल से बचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने पहले से ही एक बेड पर बिस्तर लगवा दिया था। अस्पताल परिसर में बाइक खड़ी होने के चलते अधिवक्ता के आने में दिक्कत न हो इसके लिए सीएमएस आरडी द्विवेदी ने पहले से स्ट्रेचर व उस पर चादर रखवा दिया। अस्पताल में मचे हंगामे के कारण कई मरीज सहमकर घर लौट गए।
पिटते-पिटते बचा सिपाही
जिला अस्पताल परिसर में एक सिपाही मंगलवार को पिटते-पिटते बच गया। हुआ यूं कि वह एक युवक से अधिवक्ता की हत्या को लेकर बातचीत कर रहा था। इस दौरान किसी बात को लेकर सिपाही जोर-जोर से हंसने लगा। उसके बगल से गुजर रहे एक अधिवक्ता ने सुना तो वह सिपाही के पास पहुंचा और मारपीट करने पर आमदा हो गया। किसी तरह लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।