न्यायालय ने बेटी की गवाही पर यह फैसला दिया है। घटना के वक्त मौके पर मौजूद रही बेटी ने कोर्ट में पिता की बर्बरता की कहानी बताई।
विशेष सत्र न्यायाधीश नवनीत कुमार ने हथिगवां इलाके के बलीपुर निवासी राजू कहार को पत्नी की हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी रकम बेटी साधना को देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह फैसला आरोपी की बेटी साधना के कोर्ट में गवाही देने के बाद सुनाया है। साधना ने कोर्ट को बताया कि उसके पिता ने निर्दयता के साथ मां को मार डाला था। घटना 27 मार्च 2014 सुबह साढ़े नौ बजे की है। गांव के चौकीदार श्रीपाल ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि राजू कहार अपनी पत्नी किरन से झगड़ा कर रहा था। लड़ाई सुनकर गांव के लोग भी एकत्रित हो गए। इस दौरान राजू ने आवेश में आकर पत्नी पर मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया। इससे वह गंभीर रूप झुलस गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाने के बाद उसे आननफानन में कुंडा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर देखकर एसआरएन इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। स्वरूपरानी अस्पताल में इलाज के दौरान किरन की मौत हो गई।