लालगंज। कोतवाली परिसर के अंदर व बाहर के मंदिर में चोरों ने जमकर उत्पात मचाया। पुलिस सोती रही और चोर कोतवाली के गेट पर बने मंदिर, सिपाहियों के कमरों से करीब सात हजार रुपये उड़ा दिए। चोर दानपात्र से करीब दस हजार रुपये ले उड़े। दानपात्र का ताला टूटा व सिपाहियाें के कमरों में सामान बिखरा देख हड़कंप मच गया। पहले तो चोरी की घटना को छिपाने का प्रयास किया गया, लेकिन बाद में राज खुल गया।
चोरों ने मंगलवार रात कोतवाली परिसर व आसपास चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। रात में चोर सबसे पहले कोतवाली के गेट पर स्थित मंदिर में पहुंचे और त्रिशूल निकालकर दानपात्र का ताला तोड़ दिया। चोर दानपात्र से करीब दस हजार नकदी ले उड़े। बताया जाता है कि इसके बाद चोर कोतवाली परिसर में दाखिल हो गए और गर्मी के चलते कमरे से बाहर सो रहे सिपाही नंदलाल व शंकरलाल का कमरा खंगाला। नकदी नहीं मिलने पर चोर यहां से खाली हाथ निकल गए। चोरों का उत्पात जारी रहा और यहां से पुलिस कर्मियों के लिए निर्माणाधीन आवास में पहुंचे और पुलिस कर्मी प्रमोद पांडेय के पांच हजार रुपए उड़ा दिए। इनके बगल में रहने वाले संतोष कुमार का भी दो हजार चोरी होने की बात सामने आई।
करीब घंटे भर चोरों का उत्पात कोतवाली परिसर व आसपास जारी रहा। पुलिस को भनक तक नहीं लग सकी। ड्यूटी पर तैनात संतरी भी चोराें की भनक नहीं पा सका। वारदात को अंजाम देने के बाद चोर आराम से चले गए। दूसरे दिन दानपात्र का ताला टूटा देखने और सिपाहियों के कमरे का सामान इधर उधर बिखरा देख पुलिस कर्मियाें में हड़कंप मच गया। चोरीे की घटनाओं का छिपाने का भरसक प्रयास किया लेकिन धीरे धीरे यह खबर आम लोगों तक पहुंच ही गई। लोगाें का कहना था कि पुलिस अपनी सुरक्षा ही नहीं कर पा रही है तो जनता की सुरक्षा वह कैसे कर सकेगी। इस बारे में कोतवाली का प्रभार देख रहे दरोगा संतोष दुबे का कहना है उनको चोरी की घटना की जानकारी नहीं है। लिखित शिकायत मिलती है तो मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जाएगी।