प्रतापगढ़। बेटे के लिए दवा लेेने जा रही विवाहिता को कार सवार लोगों ने अगवा कर लिया। बदमाशों ने विवाहिता का मंगलसूत्र, पायल, कान की बाली लूट लिया। बदनियती से उसे जंगल में ले गए। मौका पाकर वह शोर मचाते हुए अपने बच्चे को लेकर भागी। आसपास के लोगों के दौड़ने पर कार सवार भाग निकले। लोगों की मदद से विवाहिता बस से शहर पहुंची। कोतवाली पुलिस ने उसके परिवार के लोगों को बुलाकर हवाले कर दिया। देवसरा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती की ससुराल प्रयागराज के नंदवा में है। उसका पति सब्जी का कारोबार करता है। वह कुछ दिनों पहले ही अपने मायके आई थी। शनिवार की सुबह बेटे की दवा लेने के लिए दयालगंज पैदल ही जा रही थी। उसका आरोप है कि रास्ते में मंदिर के पास कार सवार तीन लोगों ने पहले उससे रास्ता पूछा और फिर कार में खींच लिया। पीछे की सीट पर दो आरोपी उसका मुंह दबाए रहे। उसे पट्टी इलाके के किसी जंगल की ओर ले गए। रास्ते में उसका मंगलसूत्र, पायल व कान की बाली छीन लिए। विरोध करने पर मारापीटा। कार सवार बदमाश उसे लेकर जंगल में पहुंचे।
तीनों विवाहिता के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने लगे। तभी उनके चंगुल से अपना दुधमुंहा बच्चा लेकर वह शोर मचाते हुए भागी। शोर शराबा सुनकर कुछ ग्रामीणों ने आवाज दी। जिसके बाद बदमाश कार लेकर भाग निकले। लोगों ने उसकी आपबीती सुनने के बाद उसे रुपये देकर बस पर बैठाया। भंगवा चुंगी पर बस से उतरने के बाद वह पुलिस चौकी पहुंच गई। कोतवाली पुलिस ने उसके परिवार के लोगों को बुलाया और उनके हवाले कर दिया। एसओ देवसरा ने अनभिज्ञता जताई। नगर कोतवाल ने बताया कि वह सीएम की सुरक्षा में थे इसलिए उन्हें कोई जानकारी नही है।
थमने का नाम नहीं ले रहे थे आंसू
कार सवार बदमाशों की करतूत से विवाहिता सहम गई थी। वह कुछ भी पूछने पर रोने लगती। उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। रोते हुए अपनी आपबीती पुलिस को बता रही थी। फिलहाल भंगवा चुंगी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे दिलासा दिलाते हुए नाश्ता कराया। फिर भी उसका भय कम होने का नाम नहीं ले रहा था।
बच्चे की दवा भी उठा ले गए बदमाश
देवसरा की रहने वाली विवाहिता बच्चे को दवा लेने के लिए घर से निकली। कार सवार बदमाशों ने उसे अगवा कर लिया। बदमाश उसके हाथ से बच्चे की दवा का थैला भी उठा ले गए। ग्रामीणों द्वारा मिला रुपया वह पुलिस को दिखाती रही।