बदायूं। एक डॉक्टर द्वारा किए गए अल्ट्रासाउंड की गलत रिपोर्ट से दंपति को अपना बच्चा खोना पड़ा। गर्भवती महिला ने डिलीवरी से चंद घंटे पहले शहर के एक नामचीन डॉक्टर से अल्ट्रासाउंड कराया था, लेकिन डॉक्टर ने उसकी रिपोर्ट गलत बना दी। ऊपर से महिला अस्पताल में अनट्रेंड स्टाफ ने महिला की डिलीवरी की, जिस कारण बच्चे की मौत हो गई। इससे अस्पताल में काफी हंगामा हुआ। बाद में महिला के पति ने डीएम, एसएसपी और सीएमओ से कार्रवाई की मांग की।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ा बुजुर्ग निवासी विशन कुमार उर्फ करन मौर्य अधिवक्ता हैं। उन्होंने 13 अगस्त की रात अपनी गर्भवती पत्नी सुनीता शाक्य को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इससे पहले उन्होंने दोपहर के समय एक प्राइवेट अस्पताल में नामचीन डॉक्टर से पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराया। विशन कुमार के मुताबिक डॉक्टर ने कलर अल्ट्रासाउंड करने के करीब एक हजार रुपये लिए थे। कहा था इससे प्रत्येक कमी सामने आ जाएगी लेकिन डॉक्टर ने उसकी रिपोर्ट ही गलत बना दी। वास्तव में बच्चा उल्टा था परंतु डॉक्टर ने रिपोर्ट में सीधा लिख दिया। इधर, महिला अस्पताल में डिलीवरी के दौरान कोई भी डॉक्टर तैनात नहीं थी। एक स्टाफ नर्स भी गायब थी। अन्य अप्रशिक्षित स्टाफ नर्सों ने उसी रिपोर्ट के आधार पर डिलीवरी शुरू कर दी। इससे बच्चे की डिलीवरी के दौरान ही मौत हो गई। जब बच्चे की मौत के बारे में परिवार वालों को जानकारी हुई, तो उन्होंने डॉक्टर बुलाने की मांग की। डॉक्टर नहीं आई तो उन्होंने हंगामा कर दिया। बाद में असुरक्षित समझते हुए प्रसूता को अपने घर ले गए। इस संबंध में विशन कुमार ने डीएम, एसएसपी और सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा है।