जिले के शिवगढ़, बिहार और आसपुर देवसरा विकास खंडों में 4512 शौचालयों की फर्जी फोटो अपलोड कर लगभग 55 लाख रुपये का खेल हुआ है। जियो टैगिंग में खुलासा होने पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ से पूरे मामले की जांच करने और एडीओ पंचायत को नोटिस दी है।
जिले को ओडीएफ करने के नाम पर स्वच्छ भारत मिशन के बजट का किस तरह बंदरबांट किया गया, इसकी असलियत अब सामने आने लगी है। सोमवार को स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी शंभु कुमार ने फर्जी फोटो की जियो टैगिंग कराने वाले शिवगढ़, आसपुर देवसरा और बिहार ब्लाकों के एडीओ पंचायतों को फटकार लगाई।
इन ब्लाकों में शौचालयों का निर्माण कराने के बजाए 4512 पुराने शौचालयों की ही फोटो अपलोड कर दी गई। इसके बाद शौचालयों का निर्माण कराने के लिए ब्लाकों में भेजे गए लगभग 55 लाख रुपये निकल गए हैं। डीएम ने सोमवार को जब एक-एक एडीओ और ग्राम पंचायत अधिकारियों को खड़ा कराकर पूछना शुरू किया तो उनसे जवाब देते नहीं बना । डीएम ने मामले की जांच के लिए डीपीआरओ को मामले की जांच करने का निर्देश देते हुए एडीओ पंचायत को नोटिस थमाया है।
मामले को दबाने में लगे डीपीआरओ मंगलवार को एडीओ पंचायतों और ग्राम पंचायत अधिकारियों से पूछताछ करते रहे। प्रभारी सीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि शौचालयों की फर्जी फोटो अपलोड करने की जांच हो रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।