बाघराय थाना क्षेत्र के बूढ़ेपुर गांव में शुक्रवार को भटककर आए तेंदुए को ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग की टीम के सामने ही जिंदा जला दिया। हालांकि देर शाम तक उसके जिंदा होने की बात कही जा रही थी। खबर लिखे जाने तक पुलिस और वन विभाग के लोग कानपुर से पिंजड़ा और उसे पकड़ने वाले लोगों का इंतजार करते हुए गांव के पास डटे थे। पूरे दिन ग्रामीण तेंदुए को दौड़ाते रहे और बाद में उसके एक कुएं में फंस जाने पर पुआल डालकर जला दिया। इससे पहले उसने चार लोगों पर हमला बोलकर जख्मी कर दिया था।
बाघराय थाना क्षेत्र के बूढ़ेपुर गांव निवासी चंदन यादव (42) पुत्र दुखी यादव सुबह 10 बजे अपना आलू का खेत देखने गया था। इस दौरान उसे तेंदुआ दिखा। भगाने का प्रयास करने पर तेंदुए ने पंजा मारकर उसे जख्मी कर दिया। इस पर वह शोर मचाते हुए गांव की तरफ भागा। सूचना मिलते ही ग्रामीण लाठी, डंडे सहित अन्य हथियारों के साथ खेत में पहुंच गए। भीड़ देख परेशान तेंदुआ भागने के चक्कर में पास के ही बोरिंग के कुएं में घुस गया। ग्रामीणों ने घेरकर बांस से उसे दबाने का प्रयास किया तो वह फिर से बाहर आ गया। इस दौरान उसने गांव के बसंतलाल व शिवभुवन मिश्रा पर पंजे से हमला कर जख्मी कर दिया। हल्ला मचा तो वह फिर कुएं में घुस गया। इस बीच ग्रामीणों ने कुएं में ढेर सारा पुआल डाला और आग लगा दी।
बूढ़ेपुर गांव में दहशत फैलाने वाले तेंदुए ने लोगों को दिनभर छकाया। सारा दिन लोग लाठी, डंडा और अन्य हथियार लिए खेत, बाग में उसे खदेड़ते रहे। बूढ़ेपुर गांव निवासी चंदन यादव (42) पुत्र दुखी यादव सुबह 10 बजे अपना आलू का खेत देखने गया था। इस दौरान उसे तेंदुआ दिखा। भगाने का प्रयास करने पर तेंदुए ने पंजा मारकर उसे जख्मी कर दिया। इस पर वह शोर मचाते हुए गांव की तरफ भागा। सूचना मिलते ही ग्रामीण लाठी, डंडे सहित अन्य हथियारों के साथ खेत में पहुंच गए। भारी भीड़ देख तेंदुआ भागने लगा। आगे जाकर वह बकुलाही नदी में कूद गया। इस पर ग्रामीण ईंट-पत्थर मारने लगे। खबर मिलने पर बगल के गांव तुलसीराम का पुरवा और कंचनपुर के लोग भी आ गए। नदी से निकलकर वह पास में ही झाड़ियों में छिप गया। सूचना पर वनकर्मी और पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीणों ने झाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। वनकर्मी लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन ग्रामीण फिर झाड़ी में पत्थर फेंकने लगे। इस बीच गांव के छंगू पुत्र तुलसी ने झाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया। इस पर तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया। इससे गुस्साए ग्रामीण ईंट-पत्थर फेंकने लगे। इस पर तेंदुआ भागकर बाग में पहुंच गया। पीछे से ग्रामीण भी हल्ला मचाते हुए पहुंचे। भीड़ देख परेशान तेंदुआ भागने के चक्कर में पास के ही बोरिंग के कुएं में घुस गया। ग्रामीणों ने घेरकर बांस से उसे दबाने का प्रयास किया तो वह फिर से बाहर आ गया। इस दौरान उसने गांव के बसंतलाल व शिवभुवन मिश्रा पर पंजे से हमला कर जख्मी कर दिया। हल्ला मचा तो वह फिर कुएं में घुस गया। इस बीच ग्रामीणों ने कुएं में ढेर सारा पुआल डाला और आग लगा दी। पुआल जलता रहा, लेकिन तेंदुआ बाहर नहीं निकला। बाद में पुलिस और वन विभाग की टीम ने टीनशेड और बांस से कुएं को बंद कर दिया। खबर लिखे जाने तक तेंदुए की मौत की पुष्टि नहीं हुई थी। वनकर्मी और पुलिस मौके पर थी। कानपुर से तेंदुआ पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम के आने का इंतजार किया जा रहा था।