प्रतापगढ़। जानलेवा हमले के आरोप में जिला कारागार में निरुद्ध बंदी को चुपके से मोबाइल पहुंचाने वाले युवक को बंदीरक्षकों ने दबोच लिया। वह नमकीन के पैकेट में मोबाइल छिपाकर ले जा रहा था। जेल प्रशासन ने युवक को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। जेलर ने पुलिस को तहरीर दी है।
मानधाता थाना क्षेत्र के विश्वनाथगंज निवासी मोबीन रविवार को जेल में निरुद्ध अपने भाई मुजीब से मिलने के लिए कारागार आया था। मुलाकात के लिए उसने सुबह ही पर्ची कटा ली थी। जेल के भीतर जाने से पहले पुलिसकर्मियों व बंदीरक्षकों ने मुलाकात करने वालों की तलाशी ली। उनके द्वारा बंदियों को ले जाने वाले सामान की भी तलाशी ली गई लेकिन आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। जेल के भीतर प्रवेश करने के बाद दूसरे गेट पर मुलाकात करने वालों की तलाशी ली जाने लगी। मोबीन के पास से एक नमकीन का पैकेट था।
पहले तो बंदीरक्षकों से उसे नजर अंदाज किया लेकिन बाद में नमकीन के पैकेट को खोला तो उसमे एक मोबाइल मिला। यह देख बंदीरक्षकों ने उसे दबोच लिया। सूचना मिलने पर जेलर भी पहुंच गए। उन्होंने मोबीन से पूछताछ के बाद उसे जेल पुलिस के हवाले कर दिया। जहां से उसे कोतवाली भेज दिया गया। जेलर अजय कुमार सिंह ने बताया कि मोबाइल के साथ पकड़े गए युवक को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वहीं जिला कारागार में निरुद्ध बंदी रमाशंकर (42) बीमारी के चलते अस्पताल बैरक में भर्ती था। जहां उसने भूलवश दूसरे मरीज की दवा का सेवन कर लिया। जिससे उसकी तबियत बिगड़ गई। जेल अस्पताल के चिकित्सक एके श्रीवास्तव ने बताया कि हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल भेजा गया। उसने भूलवश दूसरे मरीज की दवा खा ली थी।