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कटैया में सराफ का नरकंकाल मिला, सनसनी

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लीलापुर। लालगंज कोतवाली क्षेत्र के कटैया नेवादा में दस दिन से गायब सराफ का नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। कपड़ों व झोले से उसकी पहचान हुई। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। धड़ से उसका सिर अलग था। पुलिस ने बेटे की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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कटैया नेवादा निवासी भोलानाथ सोनी (72) 31 अगस्त को गांव-गांव आभूषण व आर्टिफिशियल जेवर की बिक्री के लिए साइकिल से निकला था। देर शाम तक वह घर नहीं लौटा। इससे परिजन उसकी खोजबीन करने लगे। बेटे सुरेश ने 1 सितंबर को पुलिस को सूचना देकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद हर संभावित स्थानों पर पिता की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह ग्रामीण मदन सिंह के बंद हो चुके पुराने भट्ठे की ओर शौच के लिए गए थे। वहां से दुर्गंध उठ रही थी। लोग झुरमुट में खोजबीन करने लगे। देखा तो रक्तरंजित कुर्ता व धोती पड़ी थी। कुछ दूर पर गमछा व एक बैग पड़ा था। इसमे आर्टिफिशियल जेवर थे। तभी लोगों की नजर नरकंकाल पर पड़ी। कुछ दूर पर सिर व धड़ अलग-अगल पड़ा था। ग्रामीण आशंका जताने लगे कि किसी की गला रेतकर हत्या करने के बाद शव फेंका गया था। जिसे जंगली जानवर खा गए। केवल नरकंकाल ही बचा है। सूचना पर तमाम लोग मौके पर आ गए। भोलानाथ का बेटा सुरेश मौके पर पहुंचा। कपड़ा व झोला देखते ही वह बिलख पड़ा। वहां मिला सामान उसके पिता का था। वह पिता की हत्या करने की शक जताने लगा। मामले की जानकारी पर सीओ लालगंज व कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पुलिस ने नरकंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दिवंगत के बेटे सुरेश की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।


लालगंज कोतवाली के कटैया नेवादा निवासी भोलानाथ सोनी का दस दिन बाद नरकंकाल झुरमुट में मिलने के बाद सनसनी फैल गई। केवल कपड़ों व बैग से उसकी पहचान बेटे ने की। पोस्टमार्टम के दौरान डाक्टर चंदन त्रिपाठी ने शव का डीएनए टेस्ट कराने के लिए पुलिस को नमूना सौंपा। पुलिस बेटे के बाल व नाखून का नमूना एकत्र कर जांच के लिए भेजेगी। इसके बाद ही घटना की तस्वीर साफ होगी। सराफ भोलानाथ सोनी की हत्या कहीं लूटने के लिए तो नहीं की गई। जिस स्थान पर उसकी लाश मिली है। उस ओर कोई दिन में भी जाने से बचता है। झुरमुटों के कारण जंगली जानवरों का वह ठिकाना बन चुका है। वहां जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उस ओर से कोई रास्ता भी नहीं था। गांव में इस बात की चर्चा होती रही कि कहीं जेवर लूटने के इरादे से तो उसकी हत्या नहीं की गई। जिस झोले में वह जेवरात और आर्टिफिशियल जेवरात लेकर निकलता था। वह झोला मिला लेकिन उसमें केवल अर्टिफिसियल आभूषण ही मिले। जेवरात गायब थे। बेटे सुरेश की मानें तो वह फेरी के दौरान असली आभूषण के साथ अर्टिफिसियल जेवरात भी रखते थे।
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भोलानाथ सोनी की करीब पांच विस्वा जमीन नगर कोतवाली क्षेत्र के सकरौली गांव में है। बताया जाता है कि इसे बेचने के लिए उसने किसी से बयाना लिया था। कुछ दिनों पहले उस जमीन का अधिक दाम मिलने लगा। जिसके बाद भोला ने बयाना वापस कर दिया। जिसे लेकर दूसरे पक्ष से तकरार हुई थी। लालगंज पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ के बाद हर बिंदु पर छानबीन की जा रही है। दिवंगत के 6 लड़के थे। एक की मौत हो गई थी। वह अपने बेटे सुरेश के साथ रहता था। अन्य बेटे मुंबई में परिवार के साथ रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद सभी घर के लिए चल पड़े।
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