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पुलिस बनकर लूटते थे वाहन

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पुलिस बनकर लूटते थे वाहन
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अंतर प्रांतीय गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा, 4 ट्रक, 4 कार और तीन तमंचे के साथ फर्जी अभिलेख बरामद
भागने के दौरान पुलिस पार्टी पर झोंका फायर, चार गिरफ्तार, बंगाल से उड़ीसा तक था गैंग का नेटवर्क
पुलिस ने कुंडा में मवई क्रासिंग के पास से पकड़ा, पुलिस का फर्जी परिचय पत्र दिखाकर देते थे धौंस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़।
पुलिस बनकर वाहन लूटने वाले अंतरप्रांतीय वाहन लुटेरों के गैंग को क्राइम ब्रांच और कुंडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर भी झोंका, लेकिन उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया गया। पकड़े गए चार बदमाशों की निशानदेही पर लूटे गए चार ट्रक और चार कारें बरामद की गई हैं। तीन तमंचा, फर्जी अभिलेख और पुलिस के फर्जी परिचय पत्र भी मिले हैं। इस सफलता पर एडीजी ने टीम को 15 हजार रुपये और पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एसपी शगुन गौतम ने बताया कि सोमवार देर रात अपराधियों की धरपकड़ में क्राइम ब्रांच स्वाट टीम के प्रभारी और कुंडा कोतवाल लगे थे। तिलोरी मोड़ पर पुलिस की टीम चेकिंग कर रही थी। इस बीच मुखबिरों से सूचना मिली कि मवई रेलवे क्रासिंग के करीब बाईपास पर कुछ लोग लूटा गया ट्रक लेकर खड़े हैं। इस पर पुलिस टीम ट्रक के पास पहुंची। आवाज देने पर पास खड़े दो युवक फायरिंग करते हुए भागने लगे। फायर की आवाज सुनकर ट्रक के केबिन में सवार दो अन्य युवक भी भागने लगे। सभी को पुलिस ने घेरकर पकड़ लिया। ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से तीन तमंचा, कारतूस, फर्जी नंबर प्लेट, फर्जी कागजात बरामद हुए। कर्रा करने पर पकड़े गए बदमाशों ने लूट की कई घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल की। उनकी निशानदेही पर इलाहाबाद के हर्ष होटल के पास लूटी गईं चार कारें मिलीं। धूमनगंज के ट्रांसपोर्टनगर के शंभू गैराज से लूट और चोरी के तीन ट्रक बरामद किए गए। पुलिस ने सभी वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया।
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पकड़े गए कलीम उर्फ कल्ले पुत्र वकील अहमद निवासी कमौरा पूरे पांडेय लालगंज, प्रतापगढ़, भोला सिंह उर्फ उमाकांत सिंह पुत्र श्याम सिंह निवासी तिवारी नगर कोरांव इलाहाबाद, अजय कुशवाहा पुत्र रमाकांत कुशवाहा निवासी सुजनी थाना खीरी जनपद इलाहाबाद और ताहिर पुत्र मंजूर अहमद निवासी बेली कैंट इलाहाबाद को जेल भेज दिया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे लोग पुराने वाहनों को खरीदने व बेचने के व्यवसाय से जुड़े हैं। लूटी गईं कारें और ट्रकों को उड़ीसा, कोलकाता व बिहार में बेचते हैं। बरामद ट्रक संख्या यूपी 32 टी/ 6141 को उन्होंने 15 जून को बाबूगंज क्रासिंग के पास लूटा था। चालक व खलासी को बंधक बनाया था। कलीम ने कुछ दिनों पहले नवाबगंज में ट्रक लूटा था, जो संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र में बरामद हो गया था। एसपी ने बताया कि कलीम उर्फ कल्ले व भोला के पास से पुलिस के फर्जी परिचय पत्र बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल वे चालकों को धमकाने के साथ ही चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर बचने के लिए करते थे।

लूटी गईं लग्जरी कारों से अंजाम देते थे वारदात
लुटेरे लूटी व चुराई गई लग्जरी कारों का प्रयोग लूट की वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे लोग दिन में अपना शिकार तलाशते थे। मौका मिलते ही कुछ साथी ट्रक चालक व खलासी को बंधक बनाकर अपना शिकार बना लेते थे। लग्जरी वाहन प्रयोग करने के कारण पुलिस भी उन पर शक नहीं करती थी।

24 घंटे में बदल देते थे वाहनों का हुलिया
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पकड़े गए लुटेरे लूटी और चुराए गए वाहनों का लुक 24 घंटे के भीतर बदल देते थे। इसके लिए लुटेरों ने गैराज व मिस्त्री के साथ सौदा तय किया होता था। फर्जी कागजात बनाकर बनाकर उसका नंबर बदल देते थे। फर्जी पेपर के सहारे वे वाहनों को दूसरे प्रदेश में पहुंचा दिया करते थे। जहां पहले से ग्राहक तैयार रहते थे। वे तुरंत वाहन खरीद लिया करते थे।
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पुलिस को उलझाने के लिए जिलों की सीमा पर करते थे लूटपाट
शातिर वाहन लुटेरे पुलिस को उलझाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते थे। वाहन लूटने के लिए बदमाश जिले की सीमा पर वारदात को अंजाम देते। चालक व खलासी को जिले की सीमा पर ही छोड़ते, ताकि सीमा विवाद में पुलिस उलझी रहे और वे अपने मकसद में कामयाब हो सकें। इसके लिए बदमाश पहले घटनास्थल और पुलिस चौकी व थानों का निरीक्षण करते थे। रास्ते में पिकेट ड्यूटी पर रहने वाली पुलिस के मूवमेंट की उन्हें जानकारी रहती थी। घटना को अंजाम देने के पहले बदमाश उस इलाके की पहले से रेकी करते थे। ताकि घटना की भनक लगने के बाद भी वे पुलिस के पहुंचने से पहले वहां से फरार हो सके। घटना के बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर कितने समय में पहुंचेगी। इसकी लुटेरों को सटीक जानकारी होती थी।
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