बाबागंज। गांवों को ओडीएफ करने का हाल यह है कि प्रधान शौचालय के पैसे को को पूरा का पूरा गोल करने के चक्कर में पड़े हुए हैं। हालत यह है कि ग्राम विकास अधिकारी को ही प्रधान के खिलाफ तहरीर देनी पड़ रही है। उधर, शासन जिले को ओडीएफ बता रहा है।
बाबागंज विकास खंड के लालू पट्टी गांव में शौचालय निर्माण के लिए 12 लाख रुपये आए थे। बीते अक्तूबर माह में प्रधान कलावती पत्नी फूलचंद पटेल ने इस पैसे में से आठ लाख रुपये अपने बेटे आलोक पटेल के खाते में चार बार में ट्रांसफर कर दिए।
इसके साथ ही उन्होंने अपने दूसरे बेटे अशोक पटेल के नाम दो बार में चेक के माध्यम से चार लाख रुपये दे दिए। मामला शायद दबा ही रहता, लेकिन ग्राम विकास अधिकारी कुलदीप तिवारी का ट्रांसफर हो गया। उन्होंने नए ग्राम विकास अधिकारी महारानीदीन को चार्ज देना चाहा तो उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि ग्रामसभा के खाते में या तो 12 लाख रुपये दीजिए या फिर पूरे 100 शौचालय गिनवा दीजिए। कुलदीप तिवारी ने प्रधान से पैसे लौटाने की बात की तो वह तैयार नहीं हुईं। इससे परेशान होकर उन्हें संग्रामगढ़ थाने में प्रधान के खिलाफ गबन की तहरीर दे दी। यहां सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम बेटे के खाते में कैसे भेज दी गई। क्या इस बारे में ग्राम विकास अधिकारी को जानकारी नहीं थी। लेकिन बाबागंज विकास खंड में इस तरह के घोटाले कर लेना आम बात हो गई है। सीडीओ राजकमल ने जांच कराकर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही है।