जिले में लगातार हो रही लूट, छिनैती और हत्या की घटनाओं को देखते हुए अब पेशेवर व शातिर इनामी अपराधियों को दबोचने के लिए एसटीएफ की तैनाती के लिए पुलिस विभाग के अफसरों ने डीजीपी को पत्र भेजा है। खुद अफसर भी मानने लगे हैं कि अपराध रोकने के लिए यहां एसटीएफ टीम की तैनाती जरूरी है।
जिले में लगातार हो रही लूट, डकैती, डबल मर्डर, छिनैती व चोरी की घटनाओं से पुलिस अफसर हैरान हैं। वह खुद भी मान रहे हैं कि दूसरे जिलों में ऐसी वारदातें नहीं होतीं। जिले में कभी भी किसी तरह की घटना हो सकती है। अब तो पुलिसकर्मियों से भी लोग भिड़ने लगे हैं। सनसनीखेज घटनाओं के दौरान शातिर अपराधी मौका पाकर दूसरी वारदातों को अंजाम देने में जुट जाते हैं। जिससे कानून व्यवस्था भी प्रभावित होने लगती है। शातिर व पेशेवर अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस के पास आधुनिक सर्विलांस विंग भी नहीं है। लुटेरों मोबाइल फोन पर बात करने की जगह अब व्हट्सएप का प्रयोग करने लगे हैं। ऐसे में शातिर व पेशेवर लुटेरों को पकड़ने के लिए एसटीएफ की टीम जिले के लिए अब बहुत जरूरी हो चुकी है। वर्तमान पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा भी मानते हैं कि पहले तैनाती वाले जिले में इस तरह के अपराध नहीं हुए।
जैसा जिले में देखने को मिल रहा है। यहां तक कि जिले में घटनाओं के बाद आईजी को भी डेरा डालना पड़ता है। ऐसे में अब शातिर इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस अफसरों ने डीजीपी को पत्र भेजा है। ताकि शातिर अपराधियों की निगरानी व धरपकड़ एसटीएफ की टीम करे। ताकि कानून व्यवस्था बिगड़ने की दिक्कत पैदा न हो सके। पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा का कहना है कि शातिर व पेशेवर इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ लगी रहती हैं लेकिन दूसरे जिलों में बड़ी घटनाओं के बाद उसे भागना पड़ता है। जिले में होने वाले अपराध के तरीके को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस एसटीएफ टीम की जरूरत तो है, लेकिन उनकी ओर से ऐसा कोई पत्र शासन को नहीं भेजा गया है।
एसपी क्राइम की भी तैनाती के आसार
बड़े शहरों की तरह जिले में पुलिस अधीक्षक अपराध की तैनाती के आसार भी बन रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो जिले के अपराधों को देखते हुए एसपी क्राइम की तैनाती व क्राइम रोकने के लिए अलग से पुलिस टीम तैनात करने की भी योजना है। पुलिस सूत्रों की मानें तो जल्द ही शासन निर्णय ले सकता है।