अंतू थाना क्षेत्र के गोबरी स्थित ग्रामीण बैंक जगेशरगंज में डकैती डालने वाले बदमाशों ने लूट की बाइक का इस्तेमाल किया था। घटना में प्रयुक्त बाइक मदर अस्पताल के पास बदमाशों ने तमंचे के बल पर लूटी थी। घटना के चार घंटे पहले बदमाशों को बाइक और खाना अंतू थाना क्षेत्र में उपलब्ध कराया गया था।
ग्रामीण बैंक में डकैती डालने वाले बदमाशों ने लूट की बाइक का प्रयोग किया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो नीले रंग की बाइक नगर कोतवाली के टेकार निवासी अभयराज दुबे की हो सकती है। जिसे बदमाशों ने घटना से चार दिन पहले मदर अस्पताल के पास लूटा था। बैंक में डकैती डालने वाले बदमाशों ने जो अपाची प्रयोग की थी, इसमें एक नीली और दूसरी सफेद कलर की थी। बदमाशों ने लूट की बाइक का इस्तेमाल किया था। सभी बदमाशों को घटना के चार घंटे पहले बाइक व असलहे उपलब्ध कराए गए थे। गायघाट रोड से आगे रमगढ़ी के जंगल से सभी बदमाश एक साथ घटना को अंजाम देने के लिए निकले। घटना को अंजाम देने के पहले बदमाशों ने अपना चेहरा खोल रखा था। ऐसे में पुलिस की खोजबीन में बदमाशों को चिह्नित कर लिया गया है। घटना में शामिल बदमाश नगर कोतवाली और कोहड़ौर थाना क्षेत्र के हो सकते हैं।
बैंक पहुंचे सीओ सिटी करते रहे छानबीन
जगेशरगंज। अंतू थाना क्षेत्र के गोबरी स्थित ग्रामीण बैंक जगेशरगंज में डकैती डालने के बाद बराबर पुलिस का आना-जाना लगा हुआ है। सोमवार को बैंक खुलते ही पुलिसकर्मी ड्यूटी पर पहुंचे। कुछ देर बाद सीओ सिटी अंजनी राय भी बैंक पहुंचकर छानबीन करने लगे। प्रबंधक व कर्मचारियों से काफी देर तक पूछताछ करने के बाद सीओ सिटी ने आसपास के लोगों से भी जानकारी ली। कई राउंड घटना के दिन व पूर्व में सीसीटीवी फुटेज देखा। कई लोगों के मूवमेंट को भी करीब से देखा। पुलिस को बैंक में घूम रहे एक सातवें युवक की तलाश है जो घटना के काफी देर पहले बैंक पहुंचा था। बिना किसी जरूरत के वह ग्राहकों की मदद कर टाइमपास कर रहा था।
रात के अंधेरे में एसटीएफ जंगलों में छानती रही खाक
बैंक लूट में शामिल बदमाशों की तलाश में एसटीएफ लखनऊ व इलाहाबाद की टीम लगाई गई है। सीओ एसटीएफ नावेंदु सिंह व निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह की टीम रात के अंधेरे में जंगलों की खाक छानती रही। कंधई, कोहड़ौर , अंतू और नगर कोतवाली क्षेत्र में बदमाशों की तलाश में एसटीएफ की टीम लगी रही। टीम के हाथ बदमाशों के तीन करीबी हाथ लगे हैं। जिनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की मानें तो रिश्तेदार व करीबियों के घर ठिकाना बनाने के बजाय लुटेरों ने जरायम करने वालों की पनाह में पहुंच गए हैं।
तीन शातिरों ने छोड़ा प्रदेश, तीन जिले में ही दे रहे पुलिस को चुनौती
बैंक लूट में शामिल तीन बदमाशों ने प्रदेश छोड़ दिया है। घटना में शामिल बदमाश पुलिस से बचकर निकलने के बाद प्रदेश छोड़ दिए हैं। उन्हे यह भलीभांति मालूम है कि पकड़े जाने के बाद उनके साथ पुलिस किस तरह पेश आएगी। ऐसे में तीन बदमाशों ने जिला नहीं बल्कि प्रदेश छोड़ दिया है। जबकि तीन बदमाश व दूसरे सहयोगी अभी जिले में ही बने हुए हैं। जिनकी घेराबंदी में जिले की पुलिस के साथ ही स्वाट टीम व एसटीएफ लगी हुई है।
नहीं आया कैशियर, बैंक में हुई लेनदेन
अंतू थाना क्षेत्र के गोबरी स्थित ग्रामीण बैंक जगेशरगंज में बदमाशों के हमले से घायल कैशियर पंकज सोमवार को भी काम पर नहीं लौटा। बैंक खुलने के बाद काम-काज भी हुआ। ग्राहकों ने लेनदेन भी किया। मुख्यालय से रुपये लेकर बैंककर्मी भी वाहन से पहुंचे थे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अलावा वीके पांडेय भी सहमे हुए हैं। सोते समय भी दोनों को बैंक में डकैती की सीन सपने में नजर आती है। इस दौरान पुलिस मौजूद रही। सीसीटीवी का फुटेज निकालने में नाकाम होने पर सोमवार को लखनऊ से इंजीनियर को बुलाया गया। डकैत 101 रुपये काउंटर में ही छोड़ गए थे। यह भी चर्चा होती रही कि गेट पर पहुंचते ही एक बदमाश का चेहरा खुल गया था लेकिन बाहर सीसीटीवी कैमरा न लगा होने के कारण वह कैद नहीं हो सका।