प्रतापगढ़। बैंक आफ बड़ौदा के टाइनी शाखासंचालक की लाश का दोबारा पोस्टमार्टम करना पड़ा। डाक्टरों की टीम को रीढ़ की हड्डी में बुलेट फंसी मिली। शव के अंतिम संस्कार को लेकर पीएम हाउस पर गहमागहमी रही। रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
नगर कोतवाली के शिवजीपुरम बलीपुर निवासी अजीत सिंह बैंक आफ बड़ौदा टाइनी शाखा का संचालक था। गुरुवार को गायघाट रोड पर रामराम चौराहे के करीब उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में दिवंगत की पत्नी जूली सिंह ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। रात में ही अजीत के शव का पंचायतनामा भरने के बाद डीएम की अनुमति लेकर पोस्टमार्टम कराया गया लेकिन बुलेट नहीं मिली। एक गोली पार हो गई थी। बुलेट न मिलने के कारण डाक्टर परेशान हो गए। शुक्रवार सुबह दोबारा एक्सरे कराने के बाद डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम शुरू हुआ। एक घंटे की मशक्कत के बाद रीढ़ की हड्डी में व जांघ में बुलेट फंसी मिली।
शुक्रवार की सुबह ही वाराणसी से रेल विभाग में तैनात अजीत का भाई अरुण सिंह परिजनों के साथ पहुंचे। भाई का शव देखते ही बिलख पड़े। इस दौरान शव के अंतिम संस्कार को लेकर भाई और रिश्तेदारों के बीच गहमागहमी का माहौल बना रहा। प्रभारी कोतवाल दोनों पक्षों में सामंजस्य बनाकर शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए प्रयास करते रहे। अंत में दोनों पक्ष अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पोस्टमार्टम हाउस पर ही जूली सिंह को भी लाया गया। जहां सभी रोते बिलखते रहे। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने बताया कि अभी छानबीन चल रही है। जल्द ही घटना का खुलासा होगा। दिवंगत अजीत के भाई अरुण सिंह दोबारा पोस्टमार्टम होने के बाद शव का अंतिम संस्कार जल्द से जल्द कराना चाहते थे। इसके लिए अरुण के रिश्तेदार भी पहुंच गए। पत्नी जूली शव का अंतिम संस्कार इलाहाबाद में करने के लिए जिद करती रहीं। हालांकि शव की दशा को देखते हुए सई नदी श्मशान घाट ले जाया गया। श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते में कूड़े का अंबार देख लोगों को अपना इरादा बदलना पड़ा। वहां की दशा देख वे शव लेकर इलाहाबाद के लिए रवाना हो गए।