रामपुर बजहा में जमीलुद्दीन की हत्या के मामले में 12 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। दबिश के दौरान एक आरोपी पुलिस के हाथ लग गया। हत्या के तरीके से ग्रामीण दहल उठे हैं। पूरा परिवार खौफ में जी रहा है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गुरुवार को शव को सुपुर्दे खाक किया गया। गांव में बवाल की आशंका में कई थानों की फोर्स मौजूद रही। मानधाता थाना क्षेत्र के रामपुर बजहा निवासी जमीलुद्दीन की पड़ोसियों ने बुधवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी थी। बेटों को भी दूर तक दौड़ाया। गोलियों की तड़तड़ाहट से गांव के लोग थर्रा गए थे। मृतक का पूरा परिवार खौफजदा है। लोगों की मानें तो हमलावरों ने बीस से अधिक राउंड फायरिंग की थी।
मामले में मृतक के बेटे सलीमउद्दीन ने पड़ोस के हफीज, नफीस, हदीश, एकलाख, शमशीर, तबरेज, जावेद, आले हसन, सईद, इरफान, शकील व इद्रीश को नामजद किया है। एसओ राजकिशोर ने रात में ही ताबड़तोड़ दबिश के दौरान हदीश को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परजिन रोने बिलखने लगे। उनके करुण क्रंदन से पूरा गांव गमगीन हो गया। बवाल की आशंका में रानीगंज, कंधई, जेठवारा समेत कई थानों की पुलिस व पीएसी गांव में मौजूद रही। पुलिस की मौजूदगी में शाम साढ़े पांच बजे शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। एसओ ने बताया कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
परिजनों को पुलिस की बेरुखी का है मलाल
रामपुर बजहा निवासी सलीमउद्दीन का कहना है कि स्थानीय पुलिस दो-दो मुकदमा दर्ज होने के बाद भी हत्यारोपियों के खिलाफ कभी ठोस कदम नही उठाया। यदि उनके परिवार के लोग फोन से शिकायत भी करते तो पुलिस मौके पर आना बेहतर नहीं समझती थी। इसके चलते आरोपी पहले दर्ज दोनों मुकदमों में सुलह के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। पुलिस दर्ज मुकदमे में पहले ही चार्जशीट भेज चुकी है।
हत्यारोपियों के साथ पुलिस का है उठना-बैठना
रामपुर बजहा में गुरुवार को इस बात की जोरदार चर्चा रही कि थाने के तीन सिपाहियों से हत्यारोपियों का याराना है। वे अक्सर आरोपियों के साथ बाजार से लेकर घरों में भी उठते बैठते थे। एसओ ऐसी किसी भी बात से इनकार कर रहे हैं।