निहत्थे व्यापारी कैसे करें जान-माल की सुरक्षा
हत्या व रंगदारी की धमकी के बाद भी जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को नहीं दिया शस्त्र लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। निहत्थे व्यापारी आखिर अपनी व अपने कारोबार की सुरक्षा कैसे करें। हत्या व रंगदारी के बाद पीड़ित परिवारों ने सुरक्षा के लिए अपनों की लाशों को रखकर विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन दिन बीतने के साथ ही जिला प्रशासन भी अपने वादे से पीछे हट गया। जिले में अपराध पीड़ित लोगों की शस्त्र लाइसेंस की मांग पूरा करने का वादा करने वाले अफसरों ने मुंह मोड़ लिया है। तमाम कवायद के बाद भी पीड़ित परिवार अपनी पत्रावली लेकर कलेक्ट्रेट के शस्त्र कार्यालय में पहुंचा दिया। इसके बाद भी पीड़ित परिवारों को शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं हो सका। इसमें व्यापारी, पंचायत प्रतिनिधि और शिक्षक का परिवार भी शामिल हैं।
केस वन-
व्यापारी भाइयों की चली गई जान, मंत्री की मौजूदगी में मिला था आश्वासन
कोहड़ौर में 27 जुलाई को व्यापारी श्यामसुंदर और श्याममूरत की दुकान के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आक्रोशित व्यापारियों ने बवाल काटते हुए हाइवे पर जाम लगा दिया था। दूसरे दिन जाम खुलवाने के लिए कैबिनेट मंत्री मोती सिंह को पहुंचना पड़ा। सभी की मौजूदगी में परिजनों को सुरक्षा के लिए दो शस्त्र लाइसेंस जल्द से जल्द देने का अफसरों ने भरोसा दिलाया था। कई मंत्री व विधायक भी पीड़ित परिवार के घर आश्वासन देने पहुंचे। सभी से परिवार के लोग अपना दर्द बताते रहे लेकिन अभी तक परिवार को सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस नहीं मिल सका। जबकि सभी कार्रवाई पूरी करने के बाद आवेदन की फाइल शस्त्र कार्यालय में धूल खा रही है।
केस टू-
दहशत में रहते हैं परिजन, नहीं मिला शस्त्र लाइसेंस
कंधई थाना क्षेत्र के बिबियाकरनपुर निवासी अतुल शुक्ला कंप्यूटर कोचिंग सेंटर चलाता था। करीब दो माह पहले उसकी घर के पास गोली मार दी गई थी। पुलिस ने घटना का भले ही खुलासा कर दिया लेकिन हत्या की सच्चाई परिवार के सामने नहीं आई। परिवार के लोग धरने पर बैठे थे। एडीएम मनोज ने सभी को आश्वासन दिया था कि परिजनों को शस्त्र लाइसेंस मिलेगा। मुकदमा दर्ज कराने वाला चाचा शस्त्र लाइसेंस की फाइल लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।
केस थ्री
एमआर के हत्यारे फरार, दहशत में परिजन
मानधाता थाना क्षेत्र के भगवतगंज निवासी बजरंग बहादुर सिंह एमआर था। उसकी 16 अक्तूबर को घर के करीब ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना का खुलासा करने में पुलिस अभी तक हांफ रही है। हत्यारोपियों के पकड़े न जाने के कारण परिवार के लोग भयभीत रहते हैं। परिवार के लोगों को शस्त्र लाइसेंस देने का एसडीएम ने भरोसा दिलाया था। अभी तक लाइसेंस नहीं मिल सका। जिसके लिए पीड़ित परिवार कार्यालय का चक्कर काट रहा है।
इनसेट----
रंगदारी के लिए हो चुकी है व्यापारी पर फायरिंग, खौफ में रहते हैं 24 घंटे
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अमरगढ़ बाजार निवासी कृष्ण कुमार ऊमरवैश्य उर्फ बच्चा सेठ को करीब साल भर से रंगदारी के लिए धमकाया जा रहा है। घर पर फायरिंग भी बदमाश कर चुके हैं। वह घर छोड़कर दूसरे प्रदेश जा रहे थे लेकिन पूर्व एसपी देवरंजन वर्मा ने उन्हें लौटा लिया। सुरक्षा के लिए गनर दे दिया गया। रंगदारी की धमकी के बाद जिला प्रशासन शस्त्र लाइसेंस देने का आश्वासन देता रहा। आवेदन की फाइल शस्त्र कार्यालय में जमा है। अभी तक उसे शस्त्र लाइसेंस नहीं मिल सका। जिससे पूरा परिवार खौफजदा रहता है।
वर्जन
सभी पीड़ित लोगों को लाइसेंस दिया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है। कागज पूरे न होने के कारण कोई दिक्कत आई होगी।
शंभु कुमार, डीएम।