कब्रिस्तान की जमीन को लेकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। एक पक्ष के लोग कब्रिस्तान की जमीन बताकर उसमें शव दफनाने के लिए अड़े थे तो दूसरा पक्ष उसे अपना चक बता रहा था। सुबह सात बजे से दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और 10 दिन में जमीन की माप कराकर इसका निस्तारण कराने की बात कही। इसके बाद ग्रामीणों को शव दूसरी जगह दफनाने को कहा गया।
कोतवाली क्षेत्र के महुआतर गांव निवासी बाबूलाल की मां रामपति (80)का निधन शनिवार की सुबह हो गया। इस पर घर के लोगों ने कब्रिस्तान की जमीन पर दफनाने के लिए गड्ढा खोदने लगे। इस पर गांव के ही हीरालाल पटेल, जिल्ला व महारानी दीन पटेल आदि ने इसे अपना चक बताते हुए शव दफनाने से मना किया। इस पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने ही मामले में समझौता कराते हुए दूसरी कब्र खोदनी शुरू की लेकिन फिर गांव के ही लोगों के कहने पर पुन: विवादित जगह पर कब्र खुदनी शुरू हो गई।
इस पर दोनों पक्षों से गाली-गलौज और हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। इस पर इंस्पेक्टर आरके सिंह चंदेल ने 10 दिन में माप कराकर मामले का निस्तारण करने की बात कही। साथ ही कहा कि वह पहले दूसरी जगह पर अंतिम संस्कार कर लें। बाद में इसका निस्तारण हो जाएगा। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और दूसरी जगह कब्र खोदकर दाह संस्कार कराया।