कंधई थाना के नौहर हुसैनपुर की आशा बहू ने संतान के गम में आग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना में गृहस्थी का सारा सामान भी जल गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नगर कोतवाली के ढे़रहना गांव निवासी जयकरन सिंह ने अपनी बेटी रेखा सिंह (35) की शादी वर्ष 2001 में कंधई थाना क्षेत्र के नौहर हुसैनपुर निवासी सुरेन्द्र प्रताप सिंह के साथ की थी। शादी के बाद रेखा सिंह का चयन आशा बहू के पद पर हो गया। वह गांव में बराबर कार्य भी करती थी। शादी के इतने दिनों बाद भी उसकी कोख सूनी रही। संतान न होने का गम उसे बराबर सातता रहता था। जय करन की मानें तोबच्चा पैदा न होने से रेखा काफी परेशान रहती थी। उसका इलाज भी कराया गया। इसके बाद भी उसे संतान का सुख नहीं मिल सका। गुरुवार की सुबह वह घर में अकेली थी। पति एक बारात में गया था। सास-ससुर खेत में गए थे।
वह भी पाही से लौटी और अपने कमरे का दरवाजा बंद कर स्वयं के ऊपर केरोसिन उड़ेल कर आग लगा ली। उसकी चीख के साथ कमरे से धुआं उठता देख आसपास के लोग दौड़ पड़े। भीतर से बंद दरवाजा तोड़कर लोग घुसे तो रेखा को आग का गोला बना देखा। उसे बचाने के लिए आग बुझाने लगे। किसी तरह आग बुझाकर उसे लोग जिला अस्पताल लाए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। खबर मिलते ही मायके के लोगों के साथ ही आसपास के गांव की आशा बहुएं भी अस्पताल पहुंच गईं।