नकली सीमेंट ने आखिर कमाल दिखा ही दिया। निर्माणाधीन अनाथाश्रम ढह गया। इसकी शिकायत करने पर दुकानदार ने पिलर को सख्त होने के लिए और समय देने के लिए कहा। ज्यादा समय देने के बाद भी पिलर थम नहीं पाया। इससे अनाथाश्रम की दीवार सहित कई पिलर ढह गए। इससे निर्माण करा रही संस्था को हजारों का नुकसान हो गया। आश्रम के प्रबंधक प्रेम कुमार ने सीमेंट नकली होने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
कुंडा कोतवाली क्षेत्र के मदरियापुर गांव में स्वामी विवेकानंद सोसायटी अनाथाश्रम बनवा रही है। काफी दिन पहले कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने इसकी नींव रखी थी। संस्था के पास पैसे का इंतजाम होने के बाद इसका निर्माण 20 जुलाई से शुरू किया गया। पिलर डालने के साथ ही कुछ जोड़ाई का ही काम शुरू हुआ था कि शुरुआत में बने पिलर नकली सीमेंट के कारण फर्मा निकालते ही ढह गया। इसकी शिकायत गोपालगंज के दुकानदार से की गई तो उसने पिलर को पकने के लिए और समय देने की बात कही। इस पर पिलर को 24 घंटे के बजाय 36 घंटे तक पकने के लिए रोका गया, लेकिन यह भी फार्मा खोलते ही ढह गए। जो पिलर नहीं ढहे उनका पूरा मसाला गिर गया। इससे संस्था के लिए काम कर रहे लोगों को काफी नुकसान हुआ। इसमें लगी सरिया आदि खराब होने के साथ ही मजदूरी का भी नुकसान हुआ। इसकी शिकायत दोबारा करने पर दुकानदार ने कंपनी की सीमेंट बताकर हाथ खड़े कर दिए। अब संस्था के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। फिलहाल संस्था के प्रबंधक प्रेम कुमार का कहना है कि कंपनी के लोगों से भी बात की गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है। अब इसकी शिकायत थाने में तहरीर देकर की गई है।