एक दल के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान न करने पर सोमवार को पड़ोसियों ने दिव्यांग महिला को पीटा और उसकी नाक काट दी। बचाव के लिए पहुंचे उसके बेटे व बेटी को भी जमकर धुना। पीड़िता का आरोप है कि गांव के बीडीसी सदस्य ने उस पर हमला किया। पुलिस घटना को देवरानी और जेठानी के बीच विवाद बता रही है।
मानधाता थाना क्षेत्र के मत्तूका पुरवा कुसफरा निवासी रंगीता (35) पत्नी कृष्णा पैर से नि:शक्त है। कृष्णा का आरोप है कि गांव के बीडीसी सदस्य एक पार्टी विशेष को वोट देने के लिए दबाव बना रहे थे। घायल रंगीता की मां दूसरे दल के प्रत्याशी की समर्थक है। इससे खुन्नस खाए गांव के 6 लोगों ने सोमवार को करीब 11 बजे रंगीता पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया। खून से लथपथ होकर गिर गई तो आरोपियों ने उसकी नाक काट दी। बीच-बचाव करने के लिए दौड़ने पर कृष्णा (38), बेटे विष्णु (17) व बेटी पूजा (16) को भी घसीट-घसीटकर बेरहमी से पीटा गया। यह सभी विष्णु को अधमरा करने के बाद ही हटे। शोर पर गांव के तमाम लोग पहुंचे और बीच बचाव कर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। दो माह पहले आरोपियों ने रंगीता के पति की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। इससे उसका पैर भी टूट गया था। मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इससे वह अब भी सहमा हुआ है।