परिवार प्रेम का दुश्मन बना तो प्रेमी युगल ने अपनी अलग दुनिया बसाने की ठान ली। दोनों मुंबई से एक ही ट्रेन के अलग-अलग डिब्बों में सवार हुए। झांसी आने पर प्रेमिका अपने प्रेमी के साथ जाने के लिए ट्रेन से कूदी तो दोनों को जीआरपी ने पकड़ लिया। जीआरपी ने परिजनों को बुलाकर लड़की उन्हें सौंप दी और उसके प्रेमी का चालान कर दिया। सोमवार रात लड़के को हवालात में गुजारनी पड़ी, उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
प्रतापगढ़ के लालगंज थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति मुंबई के भिमंडी में हैंडलूम का काम करता है। साथ में दो बेटियां, बेटा व पत्नी भी रहते हैं। उनके घर के पास ही प्रतापगढ़ के लालगंज थाना क्षेत्र सागीपुर रगौली नयापुरवा निवासी दिनेश कुमार वर्मा भी हैंडलूम का काम करता है। पिछले दो साल से दिनेश के उक्त व्यक्ति की बड़ी बेटी से प्रेम संबंध हो गया। जब युवती के पिता को इसकी भनक लगी तो उसने गांव लौटकर उसकी शादी करने का मन बना लिया। पूरा परिवार रविवार को परिजनों के साथ उद्योगकर्मी एक्सप्रेस के एस 3 कोच में सवार होकर मुंबई से प्रतापगढ़ के लिए रवाना हुए। युवती ने गांव जाने की खबर अपने प्रेमी को दे दी थी। दोनों ने प्लान बनाया कि वह रास्ते के किसी भी स्टेशन पर उतर जाएंगे। दिनेश मुंबई से इसी ट्रेन के कोच के जनरल डिब्बे में सवार हो गया।
सोमवार की सुबह ट्रेन जब झांसी के प्लेटफार्म नंबर पांच पर खड़ी हुई थी, तभी युवती ने मोबाइल पर प्रेमी को बता दिया कि वह उतरने वाली है। उसने परिजनों से शौचालय जाने की बात कही। उसी समय ट्रेन चलने लगी तो युवती प्लेटफार्म पर कूद गई। प्रेमी भी प्लेटफार्म पर उतर गया। प्रेमी ने जब उसे प्लेटफार्म पर पड़ा देखा तो उसे जाकर संभाला। यह माजरा देख मौके पर यात्रियों की भीड़ लग गई। भीड़ को देख जीआरपी भी पहुंच गई। पूछताछ में दोनों के उतरने का राज खुल गया। बाद में जीआरपी दोनों को थाने ले आई। इधर, बेटी के लापता होने पर परिजन उरई में ट्रेन से उतर गए। परिजनों ने उरई जीआरपी को मामले के बारे में बताया। जीआरपी ने झांसी से संपर्क किया तो पता लग गया कि उनकी बेटी थाने में बैठी हुई है। बाद में दूसरी ट्रेन पकड़कर परिजन झांसी आ गए। जीआरपी ने आवश्यक कार्रवाई के बाद युवती को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वहीं, युवक का रेलवे एक्ट में चालान कर दिया गया।