देवसरा थाना क्षेत्र में दहेज की बलिवेदी पर एक विवाहिता चढ़ गई। आरोप है कि मुंबई में फ्लैट न दिलाने पर उसे ससुराल के लोगों ने उसे जलाकर मार डाला और जिला अस्पताल में शव छोड़कर भाग निकले। देर शाम तक इलाके की पुलिस तहरीर का इंतजार करती रही। पुलिस को भी ससुराल में कोई नहीं मिला।
जनपद जौनपुर के सुजानगंज बखोपुर निवासी रामभरत मिश्र परिवार के साथ मुंबई में रहता है। उसने अपनी बेटी रूपम (21) की शादी वर्ष 2011 में आसपुुर देवसरा इलाके के अकारीपुर तिवरान निवासी दीपक तिवारी के साथ की थी। हैसियत के मुताबिक दान दहेज भी दिया था। मंगलवार की आधी रात रूपम संदिग्ध दशा में जल गई। परिजन उसे लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह देख पति समेत दूसरे लोगों ने रूपम के आग से जलने की बात बताने के बाद अपना मोबाइल बंद कर शव छोड़कर अस्पताल से भाग निकले।
घटना की जानकारी होने पर मृतका का चाचा रजनीश जिला अस्पताल पहुंचा। वह दीपक समेत अन्य ससुरालीजनों की खोजबीन करता रहा लेकिन कोई नहीं मिला। रजनीश ने बताया कि सात माह पहले रूपम का गौना गया था। वह तब से अपने ससुराल में ही थी। मृतका के माता-पिता मुंबई रहते हैं। शादी के बाद से दीपक व उसके घरवाले मुंबई में फ्लैट की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने उसे जलाकर मार डाला। इस मामले में एसओ ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि घटना की सूचना मिलने पर दरोगा को भेजा गया था। ससुराल के लोग नहीं मिले। अभी तक तहरीर नहीं मिली है। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।