नगर कोतवाली के जोगापुर स्थित चिटफंड कंपनी के कार्यालय से क्राइम ब्रांच ने बरामद किया सामान।
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चिटफंड कंपनी के कार्यालय पहुंचकर क्राइम ब्रांच ने दो घंटे तक छानबीन की। कार्यालय में मिले कंप्यूटर, फार्म समेत अन्य अभिलेख क्राइम ब्रांच ने कब्जे में ले लिया। कोतवाली पहुंचकर मिली तहरीर का एकत्र किया। इसके बाद घंटों हिरासत में लिए गए संचालक से पूछताछ की। अभी छानबीन दो दिनों तक चलने की संभावना है। इसके बाद ही क्राइम ब्रांच हिरासत में लिए गए संचालक व मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट अग्रसारित करेगी।
नगर कोतवाली के करनपुर करमचंदा में सालिकराम जायसवाल के मकान में किराए पर अगस्त माह में मनी स्पाट म्यूचुअल निधि नाम की चिटफंड कंपनी खोली गई थी। 40 दिन के भीतर कंपनी ने सैकड़ों ग्राहक बनाकर लेनदेन शुरू कर दिया। लोगों की मानें तो 40 दिन के भीतर करीब 40 लाख रुपये जमा कराए। रुपये देने के पहले ही कंपनी संचालक भागने के लिए सामान समेटने लगा।
रात में भनक लगने पर लोगों ने संचालक विपिन सिंह को बंधक बना लिया। कई दिनों से पुलिस संचालक विपिन सिंह व मकान मालिक के बेटे आशीष जायसवाल को हिरासत में ले रखा है। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया। करीब 122 लोगों ने पुलिस को तहरीर दे रखी है। एसपी के निर्देश पर प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह को सौंप दी गई।
दो दिनों से छानबीन कर रही क्राइम ब्रांच की टीम गुरुवार को करनपुर स्थित कंपनी के सीज कार्यालय पहुंची। कार्यालय में बंद कागजात और कंप्यूटर समेत अन्य सामग्री अपने कब्जे में ले लिया। कोतवाली पहुंचकर टीम तहरीर देने वालों का ब्यौरा जुटाती रही। आरोपी संचालक से भी पुलिस पूछताछ करती रही। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने बताया कि अभी अभिलेख एकत्र किए जा रहे हैं। उसके साथियों की तलाश में टीम लगी है।