अफसरों की मेहरबानी से अब तक मौज काट रहे जिले के 1500 बड़े बकाएदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अब एक लाख से अधिक के ऐसे बकाएदारों से वसूली की जिम्मेदारी खुद अफसरों पर थोप दी गई है। टीम वसूली करेगी और एक्सईएन बकाएदारों को सर्टिफिकेट देंगे।
जिले में बड़े व छोटे बकाएदारों के लिए करीब एक वर्ष पहले एकमुश्त जमा योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें ब्याज भी माफ किया गया था। योजना के माध्यम से विभाग को करीब 32 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हुई थी। इसके बाद बड़े बकाएदारों पर शिकंजा कसने का दावा किया गया, मगर इससे कुछ खास हासिल नहीं हुआ। बकाएदारों की एक बड़ी फौज अफसरों की मेहरबानी से मौज करती रही। सूत्रों की मानें तो जिले में करीब 15 सौ ऐसे बकाएदार हैं, जिनका एक से लाख से अधिक का बिल बकाया है।
इससे करीब 15 करोड़ रुपये का विभाग को चूना लग रहा है। आला अफसरों ने इसे संज्ञान में लेकर अब अफसरों पर वसूली की जिम्मेदारी थोप दी है। वसूली करने के साथ अब अधिशाषी अभियंता खुद बकाएदारों को सर्टिफिकेट देंगे। इससे अफसरों की बेचैनी बढ़ गई है। जिले के सभी विद्युत पारेषण खंड में बड़े बकाएदारों की सूची तैयार की जा रही है। गुरुवार को कार्यालयों में अधिशाषी अभियंता बड़े बकाएदारों की सूची तैयार कर वसूली की रणनीति बना रहे थे।
रानीगंज, पट्टी, कुंडा, लालगंज, सदर क्षेत्र मिलाकर कुल 1500 बड़े बकाएदारों की सूची तैयार की गई है। अब टीमें बकाएदारों के घर पहुंचकर दरवाजा खटखटाएंगी। वसूली करने के बाद बकाएदारों को अधिशाषी अभियंता सर्टिफिकेट देंगे। एक्सईएन सत्यप्रकाश मिश्र ने बताया कि बकाएदारों पर किसी तरह की मेहरबानी नहीं बरती जाती। अभियान चलाकर वसूली की गई है। अभियान चलाकर बड़े बकाएदारों पर शिकंजा कसा जाएगा।