लालगंज पुलिस द्वारा धरे गये अपहरण कर हत्या के आरोपी।
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प्रेमिका से विवाह करने की राह में रोड़ा बने चचेरे भाई को युवक ने बहनोई के साथ मिलकर मार डाला। शव नहर में फेंकने के कारण नहीं मिल सका। हत्या में प्रयुक्त चाकू व मृतक की चप्पल बरामद हुई। लालगंज पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से घटना का अनावरण करते हुए प्रेमिका समेत तीन लोगों को जेल भेज दिया। घटना का खुलासा करने में पुलिस काफी दिनों से मशक्कत कर रही थी।
लालगंज कोतवाली के मादामई निवासी कप्तान सरोज पुत्र रामफल सरोज 15 जुलाई को घर से गायब हो गया था। इस बात की सूचना रामफल ने 27 जुलाई के दिन पुलिस को दी। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी। विवेचना के दौरान लालगंज पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद ली। लालगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अपराध ने बताया कि कप्तान सरोज के चाचा बाबूलाल का बेटा मनीष सरोज गांव की ही सोनम सरोज पुत्री केशलाल से प्यार करता था।
जिसका कप्तान सरोज विरोध करते हुए अपने चचेरे भाई मनीष को अक्सर डांटता रहता था। मनीष अपनी प्रेमिका से भी कप्तान की नाराजगी बताया करता था। मनीष से उसकी प्रेमिका सोनम ने कहा कि कप्तान को रास्ते से हटा दो , तभी वह उससे शादी करेगी। इसके लिए मनीष ने अपने बहनोई अशोक कुमार सरोज पुत्र रामनरेश सरोज निवासी ऐंठू थाना मानिकपुर की मदद ली।
15 जुलाई को मनीष बहाने से कप्तान को बुलाकर अपने साथ खनवारी ले गया। नहर के किनारे बैठकर तीनों ने शराब पी। इसके बाद बहनोई व साले ने मिलकर कप्तान की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी।
इसके बाद शव को खनवारी नहर में फेंक दिया। सर्विलांस की मदद से पुलिस घटना को अंजाम देने वाले मनीष तक पहुंच गई। पुलिस ने कर्रा किया तो उसने जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने रविवार को मृतक के चचेरे भाई मनीष की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, खनवारी नहर के पास से मृतक की चप्पल बरामद कर ली। शव नहर में बह जाने के कारण पता नहीं चल सका। पुलिस ने मनीष सरोज व उसकी प्रेमिका सोनम सरोज और बहनोई अशोक कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।