न्यायालय अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सुमित कुमार के आदेश के बाद से ही जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में खलबली मची हुई है। मंगलवार को वादी मुकदमा के पुत्र के पास अधिकारियों व अधिवक्ताओं के फोन आते रहे। मामले में समझौते की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुत्र ने समझौते से इन्कार कर दिया है।
बता दें कि 30 जनवरी को आदेश जारी होने के बाद से ही वादी मुकदमा के बेटों के घर सरकारी अधिकारियों व शासकीय अधिवक्ताओं की आवाजाही बढ़ गई है। सूत्रों की मानें तो अफसरों व अधिवक्ताओं ने समझौते के लिए वादी मुकदमा के बेटे सुनील पटेल पर दबाव बनाया।
वादी मुकदमा के पुत्र सुनील ने बताया कि उनके घर को गिराने के लिए बुलडोजर की कार्यवाही हो सकती है। सरकारी वकीलों ने उनके मकान से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला है। मकान के भूमि को बंजर या अन्य वर्ग में दिखाकर गिराया जा सकता है।
सुनील पटेल ने कहा कि पिता दूधनाथ पटेल का निधन 2019 में हो गया। बड़े भाई अनिल और संतोष ने पैरवी नहीं कि तो उन्होंने पैरवी शुरू की। पिता ने न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। आखिरकार कोर्ट से न्याय मिला। डीएम के सरकारी वाहन के कुर्क और नीलामी के आदेश के बाद से कई बार अफसर घर आकर समझौते की बात कह चुके हैं। लेकिन उन्होंने समझौता करने से मना कर दिया। वहीं, डीसीजी सिविल रामकेवल वर्मा ने बताया कि आदेश के खिलाफ फिर से अपील की जाएगी।