प्रतापगढ़। राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत ने शनिवार को एक लाख से अधिक वादों को निस्तारित कर नया इतिहास लिखा है। न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहली बार एक दिन में इतने अधिक मामले निपटाने की उपलब्धि हासिल की है।
शनिवार को राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया। दीवानी परिसर में जिलाजज उमेशचंद्र श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का उद्घाटन किया। अपर जिला जज, सिविल जज सहित विभिन्न न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी कोर्ट में मौजूद रहकर देरशाम तक मामलों का निस्तारण करते रहे।
सुबह कोहरा होने के बावजूद वादी-परिवादी की भारी भीड़ कचहरी में जमा रही। अदालतों में पहले मामले की सुुनवाई कराने के लिए लोग धक्का-मुक्की करते रहे। यहां फौजदारी, राजस्व, बैंक, सेवा, स्टांप, पंजीयन, किराएदारी, चालान, मनोरंजन, बाट-माप, जलकर, गृहकर, उपभोक्ता फोरम, बीमा, वाणिज्यकर, आबकारी, राशनकार्ड, कराधान, आपदा सहित अनेक मामलों को निस्तारण किया गया। पहले से सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई कर वादी और परिवादी की मौजूदगी में मामले निपटाए गए। सुबह से प्रारंभ हुआ मुकदमों का निस्तारण देरशाम तक होता रहा।
राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में एक लाख से अधिक वादों का निस्तारण किया गया है। इस आंकडे़ में लालगंज, कुंडा के दीवानी न्यायालय सहित पांचों तहसीलों से निस्तारित वाद शामिल है। इस मौके पर जिलाजज उमेश चंद्र श्रीवास्तव, जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अनंत देव, अपर जिला जज कमलेश दुबे, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केपी सिंह, जूबाए अध्यक्ष भूपेंद्रनाथ शुक्ला, रोशनलाल उमरवैश्य, विवेक उपाध्याय, आचार्य ओम प्रकाश मिश्र प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
तहसीलों में आयोजित लोक अदालतों में सबसे अधिक लालगंज में मामले निपटे हैं। लालगंज में 15,692, कुंडा में 12,392, पट्टी 12,877, सदर 8587 मामले निपटे हैं।
राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत के तहत शनिवार को दीवानी कैंपस तथा तहसील में वादकारियाें की सुबह से भारी भीड़ उमड़ी दिखी। दीवानी न्यायालय जूनियर डिवीजन में सिविल जज इंद्रजीत सिंह ने मुकदमों की सुनवाई की। यहां उभय पक्षों में सुलह के तहत कई मुकदमे सुलझाए गए। वहीं छोटे जुर्माना के वादों में एक मुस्त जुर्माना के तहत आरोपियों को राहत दी गई। तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी जयनाथ ने राजस्व वादों का मेगा अदालत के तहत निस्तारण किया। इस मौके पर नायब तहसीलदार सदानंद, रामचंद्र त्रिपाठी, प्रदीप सिंह आदि रहे।
दीवानी न्यायालय में मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें भारी संख्या में वादकारी जुटे। इस दौरान सुलह समझौते के साथ वाद निस्तारित किए गए। अदालत में सीजेएम अजय सिंह ने वादों का निस्तारण किया। मेगा लोक अदालत में 311 सिविल और 1053 फौजदारी के मुकदमे निस्तारित किए गए। इसके साथ ही जुर्माना भी वसूला गया।