डीएम डॉ.आदर्श सिंह ने मतगणना कार्मिकों और माइक्रो ऑब्जर्वर को सफलता के टिप्स दिए। उन्होंने अभिकर्ताओं को विश्वास में लेकर ही मतगणना करने को कहा है। ईवीएम पर लगी सील और अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर को दिखाकर ही ईवीएम खोला जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक राउंड की मतगणना होने के बाद ही दूसरे राउंड की मतगणना प्रारंभ होगी।
जिले में 11 मार्च को होने वाली मतगणना के लिए सोमवार को कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। दोनों पालियों में कर्मचारियों से मुखातिब होते हुए डीएम डॉ.आदर्श सिंह ने कर्मचारियों को सफलता के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि ईवीएम की सील खुलने के पहले अभिकर्ताओं को अवश्य दिखाएं। उन्हें इस बात से संतुष्ट करें, कि जिस ईवीएम में उन्होंने मत डाला है, उसी की गणना हो रही है। दोनों पालियों में पहले चरण के प्रशिक्षण में 532 कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
इसमें 133 मतगणना सहायक, 133 मतगणना सुपरवाइजर, 133 माइक्रो ऑब्जर्वर और 133 मतगणना सहायक मौजूद रहे। दूसरे चरण का प्रशिक्षण 10 मार्च को जीआईसी में होगा। दूसरे चरण के प्रशिक्षण में मतगणना कार्मिकों को विधानसभा की जानकारी हो जाएगी। मगर किस टेबल पर उनकी ड्यूटी लगी है, इसकी जानकारी 11 मार्च को महुली मंडी पहुंचने पर होगी।
कुंडा के प्रेक्षक आर रामकृष्णन आठ मार्च और बाबागंज के प्रेक्षक ए. कुलभूषण टोप्पो नौ मार्च को बेल्हा आ रहे हैं। कुंडा के पे्रक्षक चिलबिला और बाबागंज के प्रेक्षक सिंचाई खंड के गेस्ट हाउस में रुकेंगे।चुनाव आयोग ने गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के विधानसभाओं के हुए चुनाव के लिए एक्जिट पोल के टेलीकास्ट करने पर प्रतिबंध की अवधि बढ़ाकर नौ मार्च को साढ़े पांच बजे तक कर दिया है। बतादें कि कर्णप्रयाग (उत्तराखंड) और आलापुर (उत्तरप्रदेश) में प्रत्याशी की मृत्यु होने के कारण दोनों विधानसभा में मतदान का दिन बढ़ा दिया गया था।