रायबरेली में रिश्तेदारी से घर लौटा ट्रक खलासी कोरोना संक्रमित निकला। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे एंबुलेंस से प्रयागराज के कोटवा बनी में तैयार कोविड-19 लेवल 1 अस्पताल ले गई। मौके पर पहुंची पुलिस उसका यात्रा इतिहास खंगालने में जुटी रही। प्रशासन ने कैमा समेत तीन किमी के दायरे में इलाके को सील कर दिया।
हथिगवां थाना क्षेत्र के कैमा का रहने वाला युवक अपनी बहन के घर रायबरेली जनपद के मुंशीगंज थाना क्षेत्र के भदोखर में रहता था। बहनोई मेराज के साथ वह ट्रक पर खलासी का काम करता था। सात मई की रात वह घर लौटा। इस बात की जानकारी होने पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर उसे प्राइमरी स्कूल में क्वारंटीन कराया।
उसी दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसका सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयागराज भेजा। रविवार को उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद कुंडा से मुख्यालय तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्राइमरी स्कूल पहुंचे थानाध्यक्ष हथिगवां व सीओ राधेश्याम ने कुंडा से स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाई। स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में कोरोना संक्रमित ट्रक खलासी को एंबुलेंस से कोटवा बनी प्रयागराज अस्पताल भेजा गया।
इसके बाद कैमा गांव की सीमा को सील करने की कवायद शुरू हो गई। पुलिस संक्रमित युवक के संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना पीड़ित को प्रयागराज भेज दिया गया है। स्कूल के साथ ही गांव को सैनिटाइज कराया जाएगा।
घंटों समझाने के बाद एंबुलेंस में सवार हुआ युवक
कोरोना पीड़ित युवक ने प्रयागराज जाने के लिए आई एंबुलेंस में बैठने से इनकार कर दिया। उसे समझाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस प्रशासन और गांव के लोग लगे रहे, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। हालांकि बाद में किसी तरह से वह एंबुलेंस में बैठा।
हथिगवां के कैमा गांव में युवक के कोरोना पाजिटिव होने के बाद से हड़कंप मच गया। उसे प्रयागराज भेजने के लिए जब कहा गया तो उसने कोरोना न होने की बात कहते हुए जाने से मना कर दिया। इसके बाद जिसने भी उससे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा वह उससे गले लिपटने की बात कहने लगा।
इससे स्वास्थ्यकर्मी डरकर पीछे हट गए। स्वास्थ्य विभाग के बाद पुलिस के लोगों ने भी समझाया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद गांव के लोगों ने प्रयास किया। इस दौरान वह गांव के लोगों को डांटने लगा। इससे वह लोग भी पीछे हट गए।
बाद में किसी तरह से उसके घरवालों ने उसे अस्पताल जाने के लिए मनाया। दरअसल, युवक महज 19 साल का है। इसके चलते उसे कोई दिक्कत महसूस नहीं हो रही। इससे वह कोरोना के संक्रमण को समझ ही नहीं पा रहा था। फिलहाल उसे किसी तरह से समझाबुझाकर एंबुलेंस से भेजा गया।