मुंबई से आए तेज बुखार से पीड़ित युवक की मौत से हड़कंप मच गया। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमें जांच के लिए मौके पर पहुंची। मृतक के परिजनों का सैंपल लेने के बाद शव शव को अंतिम संस्कार के लिए दे दिया गया।
लालगंज कोतवाली के बरिस्ता तकिया निवासी छब्बीस वर्षीय युवक 12 मई को मुंबई के धारावी से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से प्रतापगढ़ आया था। भुपियामऊ स्थित जयमंगल सिंह स्कूल के क्वारंटीन सेंटर में क्वारंटाइन होेने के बाद 14 मई को वह गांव पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी। बीते दो दिनों से वह तेज बुखार से पीड़ित था।
सोेमावार की देर शाम उसकी सांसें थम गईं। गांव में कोरोना के चलते उसकी मौत की अफवाह फैल गई। युवक की संदिग्ध मौत की सूचना पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। रात में पुलिस गांव पहुंची और जांच के बिना शव का अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। मंगलवार को सुबह जिला अस्पताल के साथ ही संडवा चंद्रिका व तेजगढ़ अस्पताल की टीम गांव पहुंची।
मृतक के परिजनों से पूछताछ व छानबीन के बाद मामला संदिग्ध दिखाई दिया। टीम ने मृतक के परिजनों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि परिवार का कोई सदस्य कोरोना पाजिटिव पाया गया तो मृतक भी कोरोना पीड़ित माना जाएगा।
परिजनों का सैंपल लेकर उन्हें घर में आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है। सैंपलिंग व छानबीन के बाद युवक का शव दफनाने के लिए परिजनों की सुपर्दगी में दे दिया गया। युवक की मौत के बाद ग्रामीणों में कोरोना को लेकर दहशत है।