रोडवेज बस अड्डे पर नहीं बना कोविड हेल्प डेस्क। संवाद
जिले में कोरोना संक्रमित पांच मरीज मिल चुके हैं। संदिग्ध मरीजों की लंबी फौज तैयार हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोडवेज डिपो, रेलवे स्टेशन के अलावा अस्पताल और सीएमओ कार्यालय में कोविड हेल्प डेस्क नहीं स्थापित की गई है। भले ही लोग संक्रमित हो रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग को अभी और संक्रमित मरीज मिलने का इंतजार है।
कोरोना की दूसरी लहर में करीब 2100 लोग संक्रमित हुए थे। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के मुताबिक करीब डेढ़ सौ कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई थी। न जाने कितने संक्रमित घर पर ही दम तोड़ दिए थे। जिसका रिकार्ड तक स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
फिर से कोरोना संक्रमण लौटने लगा है। मगर स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना हुआ है। अभी तक कोविड हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई। इतना ही नहीं दूसरे जनपद व प्रदेश से आने वाले यात्रियों की न तो बस स्टैंड पर जांच कराई जा रही है और न ही रेलवे स्टेशन पर। इससे दिनोंदिन कोरोना का खतरा बढ़ता ही जा रहा है।
तीन दिनों के भीतर जिले में दो न्यायालय कर्मी समेत पांच लोग कोविड संक्रमित भी मिल चुके हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी चुप्पी साधे बैठा है।
बृहस्पतिवार को पड़ताल में सीएमओ कार्यालय के मेन गेट पर स्थापित कोविड हेल्प डेस्क नहीं दिखी। वहीं राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के इमरजेंसी गेट स्थित कोविड हेल्प डेस्क में सुरक्षा कर्मी बैठे नजर आए। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर इसकी व्यवस्था तक नहीं मिली।
Iसंक्रमित मिलने वाले मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों का सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। कोविड हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों की ड्यूटी लिस्ट तैयार कर ली गई है। जल्द ही कर्मचारियों की ड्यूटी कोविड हेल्प डेस्क पर लगाई जाएगी।
डॉ. जीएम शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी।I