प्रतापगढ़। कोरोना के कहर से इंसानियत भी मर रही है। संक्रमण का खौफ इतना ज्यादा है कि कोरोना से जान गंवाने वाले मरीजों के अंतिम संस्कार तक लोग तैयार नहीं हो रहे हैं। जिले की कुंडा तहसील में कुछ इसी तरह का मामला सामने आया। यहां महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने महिला के घर के सामने कब्र खुदवाई और शव को घसीटते हुए उसको गड्ढे में डालकर दफना दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुुआ है।
कुंडा तहसील क्षेत्र के ऊगापुर के रहने वाले रामशरण की काफी पहले मौत हो चुकी है। उनकी पत्नी घर में अकेले रहती थीं। उसके परिवार में कोई नहीं था। कुछ दिनों से वह बीमार चल रही थीं। मंगलवार की रात उसकी मौत हो गई। गांव के लोग महिला के घर के बाहर तो एकत्र हुए, लेकिन अंतिम संस्कार से कन्नी काटने लगे। कुछ लोगों ने जेसीबी बुलाकर घर के सामने ही गड्ढा खुदवाया। कब्र में नमक डाला। इसके बाद महिला के शव को घसीटते हुए कब्र तक लाए। इसके बाद धक्का देकर कब्र में गिरा दिया। इसके बाद ऊपर से मिट्टी डालकर दफना दिया। एक बेसहारा महिला के शव के साथ अमानवीयता का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हर कोई हतप्रभ रह गया और ग्रामीणों को कोसता रहा।
मां की मौत के बाद शव छोड़कर भागा बेटा
जिला अस्पताल में बुधवार को इमरजेंसी के बाहर एक महिला का शव पड़ा था। पति शव के पास बैठकर रो रहा था। तभी उसकी नजर गेट पर खड़े बेटे की तरफ गई। वह लड़खड़ाते कदमों से बेटे की तरफ बढ़ा। पिता को करीब आते देख बेटा बाहर भागने लगा। यह देख बेबस पिता चीखते हुए कहने लगा, ‘अरे जे तोहका पाल कै बड़ा करेस, ओसी भागत अहा, बड़ा पाप लागी।’ पिता की बातों को अनसुना करता हुआ बेटा भाग निकला। लोगों ने बताया कि वह व्यक्ति अपनी पत्नी को सांस लेने में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल ले आया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोई उससे नाम-पता पूछने का साहस नहीं जुटा पा रहा था। उसकी आंखों में बेटे के लिए गुस्सा था। बाद में लोगों की मदद से उसे दूसरे वाहन से घर भेजा गया।