अयोध्या के महापौर पं.गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा है कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण होना, एक नए युग की शुरुआत है। भगवान राम के अनुकूल भारत के यश और कीर्ति को दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम यह मंदिर निर्माण है। भगवान राम के संकीर्तन मात्र से समस्त पापों का नाश हो जाता है।
क्षेत्र के मनोरथपुर में आयोजित तीन दिवसीय रामकथा के पहले दिन हृदय में राम कार्यक्रम में आए कथा व्यास और अयोध्या के महापौर का भक्तों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। कथाव्यास ने कहा,सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। इसलिए व्यक्ति को हमेशा सत्य का आचरण करते रहना चाहिए।
यजमान ललित पांडेय और सावित्री पांड़ेय के नेतृत्व में कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा जीआईसी के बगल स्थित दुर्गा मंदिर और किठावर देवी मंदिर के रास्ते वापस कथा स्थल पर पहुंची। इस मौके पर डॉ.देवमणि तिवारी, डॉ.प्रशांत पांडेय, डॉ.सीएन पांडेय, भानुप्रताप पांडेय, डॉ.केसरी शुक्ला, सत्य प्रकाश तिवारी, सूर्यनारायण पांडेय आदि शामिल थे।