मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में 24.50 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण बीते दिसंबर में पूरा होना था। गंभीर रोगियों की जान बचाने के उद्देश्य से तैयार हो रही इस यूनिट का 30 फीसदी से अधिक काम अभी भी अधूरा है।
क्रिटिकल केयर का निर्माण की जिम्मेदारी शासन ने राजकीय निर्माण निगम को दी है। कार्यदायी संस्था को दिसंबर 2025 तक भवन तैयार कर विभाग को हैंडओवर करना था। समय सीमा पूरा होने के बावजूद तीस प्रतिशत निर्माण कार्य बाकी है।
जनवरी 2026 में क्रिटिकल केयर यूनिट चालू हो जानी थी। कार्यदायी संस्था के सुस्त कार्यप्रणाली से जिले के मरीजों को परेशानी हो रही है। निर्माण कार्य में देरी के कारण मरीजों को इलाज कराने के लिए प्रयागराज, रायबरेली एवं लखनऊ जाना पड़ता है।
यह मिलेंगी सुविधाएं
क्रिटिकल केयर यूनिट 100 बेड का होगा।
वेंटिलेटर सहित आईसीयू और इमरजेंसी कक्ष होगा
एमआरआई, सीटी स्कैन और ऑपरेशन कक्ष होगा।
डायलिसिस यूनिट संचालित होगी।
कार्यदायी संस्था को दिसंबर के पहले भवन तैयार कर हैंडओवर करने के लिए पत्र लिखा गया है। यदि दिसंबर के पहले कार्यदायी संस्था भवन हैंडओवर नहीं करती है तो शासन को पत्राचार किया जाएगा।
डॉ. सोमनाथ, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।