बदहाल विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विभाग ने वीडियोग्राफी के बीच कार्य कराने का आदेश दे रखा है, लेकिन कहीं इसका पालन नहीं हो रहा है। विभागीय अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। वे बिना वीडियोग्राफी कराए विद्युतीकरण का कार्य कर रहे हैं।
जिले में बिजली व्यवस्था का हाल बेहाल है। टूटे पोल व जर्जर तारों के चलते विद्युत आपूर्ति में बाधा आ रही है। इसके सुधार को लेकर विभाग पहल के दावे तो करता है, लेकिन परेशान दूर नहीं हो पा रही है। मरम्मत के नाम पर जमकर गोलमाल किया जा रहा है। यही कारण है कि जिले में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बता दें कि सत्ता में आने के बाद भाजपा की योगी सरकार ने शहर में 24 व गांवों में 18 घंटे की बिजली आपूर्ति का निर्देश दिया था, मगर बदहाली के चलते रोस्टर के हिसाब से आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। इसे संज्ञान में लेकर बिजली विभाग के आलाधिकारियों ने निर्देश दिया कि जर्जर तारों के बदलने सहित बिजली के सभी दुरुस्तीकरण कार्यों की वीडियोग्राफी कराई जाए। तत्काल इसकी रिपोर्ट भेजी जाए, जिससे कि अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कार्यों को पूरे मानक के साथ निर्धारित समय पूर्ण कराएं और हेरफेर न कर सकें। लेकिन लखनऊ से आया यह आदेश बेल्हा के विभागीय जिम्मेदारों के सिर के ऊपर से निकल गया।
जिले की रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा, सदर सहित सभी पांचों तहसीलों में विद्युत आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए दुरुस्तीकरण का कार्य तो जेई और संविदा कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन कैमरे की नजर से दूर। बगैर वीडियोग्राफी के बदले जा रहे जर्जर तारों की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को नहीं दी जा रही है। जेई और संविदा कर्मचारी मनमाने तरीके से मानक के विपरीत दुरुस्तीकरण का कार्य कर रहे हैं। इस बारे में एक्सईएन ओपी मिश्रा का कहना है कि बिजली के मरम्मतीकरण के कार्यों की वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया गया है। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।