प्रतापगढ़ सीएमओ दफ्तर में लगी आग के बाद जुटी भीड़।
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मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में शुक्रवार दोपहर शाॅर्ट सर्किट से ग्राउंड फ्लोर के पावर केबिन में आग लग गई। जान बचाने के चक्कर में कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे। आग लगने की सूचना मिलते ही पहले और दूसरे तल पर बैठे कर्मचारियों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। दरअसल उनके नीचे उतरने के लिए बनी सीढ़ी के पास ही पावर केबिन बनाया गया है। इससे वे नीचे भी नहीं उतर पा रहे थे।
मुख्य चिकित्साधिकारी का कार्यालय तीन तल का है। ग्राउंड फ्लोर में सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और एनआरएचएम के कर्मचारी बैठते हैं। जबकि दूसरे और तीसरे तल पर आयुष्मान विभाग, पेंशन विभाग, चिकित्सकों का तबादला और पोस्टिंग, अपर शोध अधिकारी कार्यालय सहित अन्य कर्मचारी और अफसर बैठते हैं।
शुक्रवार दोपहर उप मुख्य चिकित्साधिकारी के चैंबर और सीढ़ी के बगल बने पावर केबिन में अचानक शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई। थोड़ी देर में केबल जलने लगा। पूरा कमरा धुंआ से भर गया। जानकारी होने के बाद अफसर और कर्मचारी अपनी जान बचाकर भाग निकले।
इस बीच दूसरे और तीसरे तल पर फंसे कर्मचारी शोर मचाने लगे। इस बीच कंप्यूटर ऑपरेटर ब्रजेश शर्मा और स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी आरपी सिंह ने सीएमओ के चैंबर में रखे अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पाया। इसके बाद दूसरे और तीसरे तल पर फंसे कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
सीएमओ ने बताया कि शाॅर्ट सर्किट से आग लगी थी। जैसे ही धुंआ उठा सभी कर्मचारी और अफसर खुद ही कमरे से बाहर निकल गए थे। हालांकि दस मिनट के अंदर आग पर काबू पा लिया गया। किसी प्रकार जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। मरम्मत के लिए मकैनिक को बुलाया गया है। इस बार पावर केबिन का स्थान परिवर्तन कर दिया जाएगा।