शहर के पॉश इलाके इन दिनों कंटेनमेंट जोन में हैं। इससे शहरियों की मुसीबत बढ़ गई है। सीएमओ के बेटे और एडीएम के कोरोना पॉजिटिव मिलने पर दोनों सड़कें सील कर दी गई हैं। इससे शहरियों की मुसीबत बढ़ गई है। हालांकि चार जुलाई को सीएमओ आवास के इर्द-गिर्द सील ढाई सौ मीटर एरिया प्रतिबंध से मुक्त कर दिया जाएगा। इससे दीवानी परिसर के साथ ही विभिन्न विभागों के कार्यालय खुल जाएंगे।
सीएमओ के बेटे के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद एसपी कार्यालय के सामने से अलका पेट्रोल पंप की सड़क को सील कर दिया गया था। विकास भवन जाने का मुख्य मार्ग बंद होने से दीवानी न्यायालय, एसपी आफिस, डूडा कार्यालय, लोक निर्माण विभाग और जलनिगम के कार्यालयों को कंटेनमेंट जोन में आने से 14 दिनों के लिए सील कर दिया गया था।
सीएमओ डा. अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि चार जुलाई को 14 दिन की अवधि पूरी होने पर इस इलाके को प्रतिबंध से मुक्त कर दिया जाएगा। कहने के लिए एसपी कार्यालय सील किया गया है, मगर आलम यह है कि दिनभर कार्यालय खुला रहता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग जमा रहते हैं। इधर एडीएम के कोरोना पॉजिटिव मिलने से आफीसर्स कालोनी के साथ ही सिविल लाइन पुलिस चौकी से कंपनीबाग तिराहा पूरी तरह सील कर दिया गया है। इन मोहल्लों में आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति के लिए डोर-टू-डोर सेवा प्रारंभ कर दी गई है।
अंबेडकर चौराहा-मीराभवन मार्ग पर दिनभर रेंगते रहे वाहन
शहर के विकास भवन, कटरामेदनीगंज और सिटी जाने के लिए मात्र एक रास्ता होने से मंगलवार को अंबेडकर चौराहा-मीराभवन मार्ग पर दिनभर वाहन रेंगते रहे। पटरियों पर सब्जी की दुकानें और सड़क पर वाहनों का तांता लगा होने से बाइक और साइकिल सवार लोगों की मुसीबत बढ़ गई। राजगंगा नर्सिंगहोम के सामने घंटों जाम लगे होने से लोग जूझते रहे।
गाजी चौराहे से विकास भवन और अंबेडकर चौराहे से कंपनीबाग की ओर जाने वाली सड़क सील होने से अंबेडकर चौराहे से मीराभवन सड़क पर भीड़ इतनी बढ़ गई है कि लोगों को पांच सौ मीटर की यात्रा पूरी करने में घंटों लग रहे हैं। दरअसल, सिविल लाइन पुलिस चौकी के बगल लगने वाली सब्जी की दुकानें भी इसी सड़क की पटरियों पर सजी हुई हैं।
सड़क पर बड़े वाहनों की इतनी अधिकता हो गई है कि छोटे वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है। अंबेडकर चौराहा- मीराभवन मार्ग पर बुधवार को बस, ट्रक और चार पहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिवहन निगम की बसों के सड़क के किनारे खड़े होने से बाइस सवार लोगों को निकलने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। दोपहर में राजगंगा नर्सिंग होम के सामने जाम लग गया। वाहनों का काफिला इतना लंबा था कि बाहर निकलने में घंटों लग गए। जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।