दिनभर आसमान में बादलों का डेरा रहा। बृहस्पतिवार को बूंदाबांदी के साथ मंद हवाएं चलीं। बादलों की गरज ने धड़कनें बढ़ा दी हैं। मौसम को देखते हुए किसानों ने धान की कटाई रोक दी है। खेतों में सन्नाटा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान का बृहस्पतिवार को असर दिखा। सुबह से ही आसमान में बादलों ने डेरा जमाए रखा। सुबह 10 बजे के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। साथ ही हवाएं चलने लगीं। बूंदाबांदी और हवाओं के चलने का सिलसिला शाम तक चलता रहा। मौसम के बदलाव से किसानों के चेहरे पर चिंता झलक उठी।
किसानों के अनुसार, तेज बारिश होने पर धान को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। अगेती आलू, सरसों, मटर व चना की खेती भी प्रभावित होगी। अभी तक 30 प्रतिशत ही धान कट पाए हैं। 70 प्रतिशत फसलें खेत में हैं। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, किसानों को अलर्ट किया गया है।
बाजारों में भी कम रही चहल-पहल
अचानक मौसम में हुए बदलाव से बाजारों में चहल-पहल कम रही। रोडवेज बस अड्डे पर सन्नाटा पसरा रहा। रानीगंज, सुवंसा, लालगंज, पृथ्वीगंज सहित बाजारों में दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ नहीं दिखी।
वर्जन
सुबह 10 बजे तक बादलों ने आसमान घेर लिया। बूंदाबांदी की वजह से धान की कटाई रोकनी पड़ी। मजदूर भी लौट गए। ज्यादा बारिश हुई तो फसलों को नुकसान होगा। - संतोष कुमार, रखहा
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अभी गनीमत है, बूंदाबांदी तक ही सीमित है। अगर तेज हवा संग बारिश हुई तो धान की फसलें प्रभावित होंगी। क्षेत्र के ज्यादातर किसानों ने कटाई रोक दी है। बादलों के छंटने का इंतजार है। - अच्छेलाल, करनपुर खूझी
खेत में पड़ी धान की फसल। संवाद- फोटो : Samvad
खेत में पड़ी धान की फसल। संवाद- फोटो : Samvad