सावन चढ़ते ही सोमवार को पहली बार मानसून ने अपने आने का एहसास कराया। दिनभर बादल झूमकर बरसे। जोरदार बरसात से चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा। इससे शहर में मुसीबत खड़ी हो गई। मोहल्लों में जलभराव होने के साथ लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया।
सड़कें लबालब हो गईं। सरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी जमा हो गया। बरसात थमने के बाद भी जलभराव से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। दिनभर होने वाली बरसात ने नगर पालिका के नालों की सफाई के दावों की पोल खोलकर रख दी। कुल 106 मिमी बरसात रिकार्ड की गई।
सोमवार को सुबह से आसमान में छाये काले बादल जमकर बरसे। दिनभर कभी तेज बारिश तो कभी बूंदाबांदी होती रही। इस सीजन में पहली बार इस तरह की बारिश देखने को मिली। जोरदार बारिश के चलते पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कचहरी परिसर, नगर पालिका कार्यालय मार्ग, पल्टन बाजार, सिनेमा रोड, विवेक नगर, टक्करगंज, धर्मशाला वार्ड, भैरोपुर वार्ड में जलभराव हो गया। सड़कों से लेकर बस्तियों में जलभराव से लोगों को परेशान होना पड़ा।
बरसात का पानी लोगों के घरों व दुकानों में घुस गया था। जिसे निकालने में लोगों को मशक्कत करनी पड़ रही थी। बरसात से हुए जलभराव के चलते शहर के सिनेमा रोड, सुमित्रापुरी, नया मालगोदाम रोड, स्टेशन रोड पर आवागमन ठप रहा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फरियादी जलजमाव के चलते बाहर ही खड़े रहे। कचहरी परिसर में भी पानी भरा रहा। वादकारियों के साथ ही अधिवक्ताओं को जलभराव के चलते परेशान होना पड़ा। कई कार्यालयों में छत से पानी टपक रहा था। 24 घंटे में कुल 106 मिमी बरसात रिकार्ड की गई।
खिल उठे किसानों के चेहरे
जोरदार बारिश के बाद धान की रोपाई के लिए परेशान किसानों के चेहरे खिल उठे। नर्सरी तैयार होने के बाद भी पानी की कमी के चलते किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे थे। सोमवार को हुई जोरदार बारिश के बाद उनकी परेशानी दूर हो गई। किसानों ने सोमवार को धान की रोपाई शुरू कर दी।
शहर में हर ओर किचकिच से जूझते रहे लोग
सोमवार को दिनभर होने वाली बरसात से हर ओर किचकिच रही। पैदल चलने वाले लोगों के कपड़े खराब हो जा रहे थे। दिनभर बारिश होने से लोग भीगते रहे। शहर के कई मोहल्लों में लोगों के मकानों के बाहर जलभराव हो गया। नालियों के चोक होने से गंदा पानी लोगों के घरों के बाहर जमा हो गया था।
जिला अस्पताल में टपकते रहे वार्ड
सोमवार को झमाझम हुई बरसात से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन सरकारी संस्थानों में काम करने वाले लोगों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। जिला अस्पताल की ओपीडी, पैथालॉजी और पेइंगवार्ड की छत से बरसात का पानी टपक रहा था। जिससे वार्ड व ओपीडी का सामान भीगने लगा। जरूरी सामानों को बचाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी भागदौड़ करते रहे। बरसात का पानी टपकने से फिसलन बढ़ गई थी। इससे मरीजों के तीमारदार गिरते पड़ते नजर आए।
बरसात के चलते पसरा रहा सन्नाटा
झमाझम बरसात के चलते सड़कों के साथ ही बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानें तो खुली थीं, लेकिन ग्राहक नजर नहीं आए। बाजार में सन्नाटा होने के कारण दुकानदार भी अपनी दुकानें जल्द बंद कर चलते बने।
clouds rained for the first time in the monsoon waterlogging in the streets and road- फोटो : PRATAPGARH