पट्टी (ब्यूरो)। तहसील क्षेत्र की रेड़ीगारापुर दलित बस्ती में चकमार्ग होने के बावजूद जबरन रास्ता बंद किए जाने पर दलित वर्ग के लोगों ने एसडीएम का घेराव व प्रदर्शन किया। ग्रामीण इतने आक्रोषित थे कि जब एसडीएम अपनी गाड़ी में बैठकर जाना चाहते थे लोग उनके सरकारी वाहन के सामने खड़े हो गए। जिस पर एसडीएम वापस दफ्तर गए और उनकी शिकायत सुनकर मामले के त्वरित निराकरण का आदेश जारी किया।
क्षेत्र के रेड़ीगारापुर की दलित बस्ती के ग्रामीणों का आरोप था कि गाटा संख्या 811 व 728 के मध्य चकमार्ग होकर गुजरता है। तीन दशक से यहां से गुजरने का आम रास्ता था। जब इस पर ग्राम प्रधान ने खड़ंजा बनवाने का प्रयास शुरू किया तो गांव के एक व्यक्ति ने कार्य रोक दिया। इस पर ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से शिकायत की तो लेखपाल मौके पर नाप कर वापस आ गया।
जिसकी रिपोर्ट के आधार पर चकमार्ग पर खड़ंजा लगाने का आदेश तहसील प्रशासन ने दे दिया। फिर भी वहां से लोगों को आवागमन के लिए रोका जा रहा है तथा दलितों को धमकाया भी जा रहा है। इससे परेशान ग्रामीणों ने पहले गांव में जाम लगाया तो पुलिस बल मौके पर पहुंचा और यह कहकर जाम खुलवा दिया कि समस्या का समाधान एसडीएम ही कर सकते हैं। ऐसे में सारे ग्रामीण व महिलाएं तहसील मुख्यालय आ गए और यहां उनके कार्यालय के समक्ष नारेबाजी कर रहे थे।
इस बीच एसडीएम किसी काम से बाहर निकलने लगे तो लोग उनके वाहन के सामने खड़े हो गए जिस पर वह भीतर गए और प्रार्थनापत्र लेकर उस पर राजस्व टीम के साथ पुलिस बल को मौके पर जाकर रास्ता खुलवाये जाने का आदेश निर्गत किया जिस पर लोग शांत हुए। इस मौके पर रामलाल, कल्पनाथ, रबीन्द्र, रामकुमार, घनश्याम,अनारा, कलावती, श्यामा, गीता, नीलम समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।