सिंध समाज के इष्टदेवता झूलेलाल (वरुण देवता) का जन्मोत्सव मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शोभायात्रा और झांकी का आयोजन किया गया। जिसमें सिंधी समाज के लोग उमड़े रहे। दिनभर भजन कीर्तन और डांडिया का कार्यक्रम चलता रहा।
वैसे तो झूलेलाल की जयंती पर साल कार्यक्रम होते हैं। मगर इसबार का जन्मोत्सव कुछ हटकर दिखा। शोभायात्रा में वरुण देवता एक विशाल रथ सवार थे। उसके पीछे थी कलाकारों द्वारा संचालित झांकी। रथ पर पहली बार झूलेलाल की झांकी की परंपरा शुरू होने से समाज के लोगों में काफी उत्साह दिखा। तालिब धर्मशाला में झूलेलाल की पूजा अर्चना और लंगर के बाद निकली शोभायात्रा, बाबगंज, रेलवे स्टेशन, चौक घंटाघर होते हुए बेल्हादेवीमंदिर पहुंची। सई नदी में झूलेलाल का विसर्जन किया गया।
शोभायात्रा में हनुमानजी, आतंकवाद पर तैयार की गई झांकी लोगों को अपनी आकर्षित कर रही थी। डांडिया नृत्य के जरिये लोगों ने झूलेलाल जयंती को यादगार बना दिया। इस मौके पर सिंधी समाज के मुखिया प्रताप कुंदानी, प्रताप, इंद्र शादवानी, विनोद, राजेश, अभिषेक, शेखू शादवानी, विशाल और मोहन तुलसानी समेत काफी संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद थे।