ग्रामीण इलाकों में अब शौचालय बनाने के लिए इस्टीमेट बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। ग्राम पंचायतों को अब सीधे लाभार्थियों का शौचालय बनाने का अधिकार होगा। शौचालय निर्माण के लिए अमीरी और गरीबी की भी खाई को समाप्त कर दिया गया है। जिला पंचायत राज विभाग ने ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रखा है। गांव के लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए अब अधिक दिनों तक प्रतीक्षा नहीं करनी होगी, बल्कि ग्राम पंचायत के प्रस्ताव में शामिल होते ही धनराशि मिल जाएगी।
ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण की धनाराशि भेजने के लिए अलग से खाता खोला गया है। इस खाते में सिर्फ शौचालय निर्माण के लिए ही बजट मिलेगा। ग्राम पंचायतें लाभार्थियों का चयन कर प्रति लाभार्थी 12,000 रुपये का भुगतान कर सकेंगी। इसके पूर्व शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों को कार्ययोजना बनाकर अधिकारियों से स्वीकृत कराना पड़ता था। अधिकारियों की मंजूरी मिलने के बाद ही शौचालय का निर्माण प्रारंभ किया जाता था। नई व्यवस्था के तहत अब ग्रामपंचायतों में शौचालय निर्माण कराना आसान हो गया है। डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव ने बताया कि सभी ग्रामपंचायतों में शौचालय मद में धनराशि भेजी गई है।