नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश सीजेएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने जारी किया है। जबकि शन्नो देवी की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने निरस्त कर दिया है।
नगर कोतवाली के चिलबिला पश्चिमी निवासी शंकरलाल ऊमरवैश्य ने धारा 156 (3) के तहत सीजेएम कोर्ट में कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। ज1िसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया था। शंकरलाल की ओर से कहा गया था कि भवन संख्या 202,228 उसके पूर्वजों के नाम दर्ज है। जिस पर वह काबिज दाखिल है। बिना किसी आदेश के मोतीलाल पुत्र शिवबदन नगर पालिका के नामांकन बही में अपना नाम दर्ज करा लिया। उसने भी प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर सुनवाई करते हुए 26 सितंबर 2006 को मोतीलाल का नाम निरस्त कर उसका नाम चढ़ा दिया गया। मोतीलाल की मौत के बाद उस मकान को श्यामसुंदर टाऊ, रवि गुप्ता, घनश्याम, सन्नोदेवी ने नगर पालिका अध्यक्ष से मिलकर अपने पक्ष में आदेश करा लिया। जबकि नगर पालिका के अधिकारियों ने मामला कोर्ट से निस्तारित होने की रिपोर्ट लिखी थी। कोर्ट ने नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह समेत उक्त सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। न्यायालय ने सन्नोदवी के प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद अस्वीकार कर दिया है।