बांस-बल्ली के सहारे खींची गई केबल की जगह एलटी लाइन बिछाने की तैयारी निगम ने कर ली है। इससे लोकल फाल्ट की समस्या से भी उपभोक्ताओं को निजात मिल जाएगी।
केबल का मकड़जाल भी खत्म हो जाएगा। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी। एलटी लाइन बिछाने के लिए शासन से 88 लाख का बजट निगम को स्वीकृत किया गया है। सितंबर माह में कार्य शुरू होगा।
शहर में चार विद्युत उपकेंद्र हैं। बाबागंज, दहिलामऊ, रूपापुर, कादीपुर। इसके तहत करीब 31 हजार उपभोक्ता हैं। विस्तारीकरण में केशवराय, जोगापुर, पूरे पितई, रूपापुर, बराछा, जहरगो सहित एक दर्जन गांव शहर में शामिल हुए हैं। यहां तेजी से बस्तियां भी आबाद हो रही हैं लेकिन बिजली व्यवस्था सुदृढ़ नहीं है। एलटी लाइन की दरकार है। लोग बांस- बल्ली, लोहे की पाइप के सहारे केबल खींच कर बिजली का कनेक्शन ले रखे हैं।
लोगों ने दो सौ से तीन सौ मीटर तक केबल खींच रखी है। विस्तारित क्षेत्रों में लगभग यही स्थिति है। आंधी व बारिश में यह गिरकर जमीन पर आ जाते हैं।
कई बार तो हवा के झटके से केबल भी टूट जाती है। इससे हादसे का भी डर बना रहता है। कई बार मवेशी भी इसके शिकार हो चुके हैं।
नागरिकों के द्वारा लगातार एलटी लाइन के विस्तार की मांग की जा रही थी। बिजली निगम के अफसरों ने सर्वे कर इसका प्रस्ताव भेजा था, जिस पर 88 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है।
एसडीओ चंद्र कुमार पटेल ने बताया कि सितंबर माह तक एलटी लाइन के विस्तार का कार्य शुरू होगा। इस पहल से बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी।