प्रतापगढ़। जिले में चाइनीज मांझे की दिनोंदिन डिमांड बढ़ती जा रही है। रुपये खर्च कर बच्चे अपना जीवन खतरे में डाल रहे हैं। छिटपुट घटनाओं के बाद भी अधिकारियों की निगाह इस ओर नहीं जा रही।
बच्चे स्कूली काम से फुर्सत पाने के बाद कुछ देर के लिए पतंग उड़ाने के लिए अपने मकान की छतों या खुले मैदानों में दिखाई पड़ते हैं। वे दूसरे की पतंग काटने की फिराक में चाइनीज मांझे को अधिक पसंद करते हैं। जिसके पीछे कारण यह है कि वह जल्दी कटता नहीं है। उसमे तेज धार होती है। शनिवार को जोगापुर कांशीराम कालोनी निवासी शुभम पतंग उड़ा रहा था। वह दूसरे की पतंग काटने के लिए जोरआजमाइश कर रहा था।
दूसरे से अपनी पतंग कटने से बचाने के लिए उसे नीचे लाया। तभी साइकिल से गुजर रहा पूरे पितई निवासी महेंद्र कुमार पुत्र शुभकरन मांझे की चपेट में आ गया। साइकिल समेत गिर पड़ा। मांझे की धार से ऐसा चीरा लगा कि उसके हाथ व गाल से खून रिसने लगा। यह देख आसपास के लोग दौड़े और उसे लेकर निजी अस्पताल गए।
पतंग उड़ा रहा शुभम भाग निकला। लोगों की मानें तो चाइनीज मांझा बच्चे, बड़ों की जिंदगी के लिए खतरा है। यदि मांझा किसी के गले में फंस जाएगा तो उसकी गर्दन तक कट सकती है। इलाहाबाद में मांझे की चपेट में आने से लोगों की मौत भी हो चुकी है। बच्चों का हाथ पतंग उड़ाने के दौरान कट जाता है, फिर भी वे पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज मांझे का प्रयोग बंद नहीं कर रहे। इस ओर अभिभावकों को ध्यान देना होगा।