कंधई के देहरी दीगर गांव में शुक्रवार की शाम बच्चों की कहासुनी में उपजा विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। फरसा, कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से हुए हमले में दोनों पक्षों के 11 लोग घायल हो गए। हवाई फायरिंग का भी आरोप है।
गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। एक छह वर्षीय बच्ची एसआरएन प्रयागराज के आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
शुक्रवार की देर शाम देहरी दीगर गांव निवासी शंभू नाथ यादव और गया प्रसाद यादव के घर के बच्चे बाग में मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बच्चों में कहासुनी हो गई। रात करीब आठ बजे बच्चे घर पहुंचे और परिजनों को जानकारी दी।
उलाहना देने के दौरान ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शंभू यादव का आरोप है कि गया प्रसाद पक्ष की तरफ से एक दर्जन से अधिक लोग फरसा, कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे लेकर आ धमके और हमला कर दिया। तीन राउंड हवाई फायरिंग कर जान से मारने का प्रयास भी किया गया। मारपीट में दोनों पक्षों के लोग लहूलुहान हो गए।
सभी घायलों को सीएचसी बाबा बेलखरनाथ धाम ले जाया गया। एक पक्ष के श्रीराम यादव, शिवराम यादव, हरिराम यादव, शिव शंकर यादव, मीनू यादव, शंभू यादव और दूसरे पक्ष से अमान्या, रेनू यादव, रोहित यादव, उर्मिला देवी, मंजू यादव घायल हो गईं। अमान्या का सिर फटने से हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज से एसआरएन प्रयागराज रेफर किया गया है। वह आईसीयू में भर्ती है। वहीं श्रीराम यादव, शिवराम यादव, शिव शंकर यादव, मीनू यादव की हालत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
सूचना पर पहुंची कंधई पुलिस ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। थानाध्यक्ष कंधई आदित्य कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।